मंडी बोर्ड को दिवालिया बनाने की साजिश के खिलाफ फूटा गुस्सा! मध्यप्रदेश संयुक्त संघर्ष मोर्चा का काली पट्टी बांधकर जोरदार विरोध, 29 अक्टूबर को भोपाल में महा संघर्ष रैली का एलान

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मध्य प्रदेश संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया गया है।

 

उपरोक्त जानकारी देते हुए संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा सोयाबीन भावांतर योजना के लिए मंडी बोर्ड पर दबाव बनाकर 1500 करोड रुपए का ऋण लेने के लिए विवश किया जा रहा है ।

 

जिसके कारण मंडी बोर्ड दिवालिया हो जाएगा ,मंडी बोर्ड की हालत खस्ताहाल हो जाएगी जिस प्रकार मध्य प्रदेश राज्य परिवहन, दुग्ध संघ, तिलहन संघ के हाल हो गए यह विभाग बंद हो गए इस प्रकार मंडी बोर्ड को सु नियोजित तरीके से बंद करने का कार्य किया जा रहा है और मंडी बोर्ड को लोन लेने के लिए विवश कर मंडी बोर्ड को भी आर्थिक क्षति पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है जिसके कारण मध्य प्रदेश के समस्त 259 मंडी के कर्मचारी/ अधिकारी काली पट्टी बांधकर आज तीसरे दिन भी विरोध प्रकट कर रहे हैं।

 

संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक श्री बी बी फौजदार ने कहा कि क्या गारंटी है की मंडी बोर्ड का 1500 करोड़ का लोन वापस किया जाएगा इसके पूर्व भी लगभग 2000 करोड़ मध्य प्रदेश शासन ले चुकी है लेकिन आज दिनांक तक वह पैसा भी वापस नहीं किया गया।

 

 

संघर्ष मोर्चा की श्री अंगिरा प्रसाद पांडे, रामवीर किरार, नैन सिंह सोलंकी, वीरेंद्र नरवरिया, मनीष गंगराड़े, सदानंद कापसे ,मोहन कीर्तने, उल्लास पटेल, सुभाष महाजन द्वारा मध्य प्रदेश के समस्त मंडी के कर्मचारियों अधिकारियों को आवाहन किया है कि हमारे अधिकारों की लड़ाई के लिए, मंडी बोर्ड को बचाने के लिए 29 तारीख को भोपाल गेट मीटिंग के लिए सभी को आना आवश्यक है।

 

ताकि प्रदेश की मंडियां की सुरक्षा हो प्रदेश के किसान व्यापारी हम्मल तिलावती सभी का जीवन यापन चला रहे सभी लोग मंडी बोर्ड को बचाने के लिए भोपाल संघर्ष करने के लिए पधारे।

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