लोकसभा में जी राम जी योजना पर 4 मिनट 9 सेकंड बोले सांसद ज्ञानेश्वर पाटील।

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लोकसभा में जी राम जी योजना पर 4 मिनट 9 सेकंड बोले सांसद ज्ञानेश्वर पाटील

– केंद्रीय मंत्री को दिया सुझाव, कहा, किसानों की लागत कम करने के लिए मनरेगा में निंदाई, गुड़ाई कटाई के लिए मजदूर उपलब्ध कराने की हो योजना

 

बुरहानपुर। केंद्र सरकार ने हाल ही में ग्रामीणों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना नए नाम और क्लेवर में लागू की है। मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम।

 

 

केंद्र सरकार ने इसका नया रूप विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण बिल 2025 यानी वीबी-जी राम जी तैयार किया है। इस विषय पर लोकसभा में चर्चा की जा रही है। गुरूवार को खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने इस विषय पर 4 मिनट 9 सेकंड वक्तव्य दिया।

 

इस दौरान सांसद ने सुझाव दिया कि म.प्र. के मुख्यमंत्री रहते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव, गरीब, किसान, मजदूर की चिंता की। नवीन योजना के तहत कृषि आधारित कार्यों की कार्य योजना बनाई जाना चाहिए।

 

इस योजना में कृषकों की कृषि की लागत कम करने के लिए लघु सीमांत श्रेणी से लेकर मनरेगा से मजदूर उपलब्ध कराते हुए निंदाई, गुड़ाई, कटाई की कार्ययोजना तैयार कर किसानों को लाभान्वित किया जा सकता है। इससे किसान और मजदूर दोनों लाभान्वित होंगे।

 

भौगोलिक स्थिति के अनुसार कृषि विभाग अफसरों के साथ तकनीकि प्राक्कलन तैयार करने का प्रावधान इसमें शामिल किया जाए।

 

बोले- रामजी की चिड़िया, राम जी का खेत, खाओ मेरी चिड़िया भर भर पेट, जमकर बजी तालियां।

 

 

सांसद पाटील ने कहा-विकसित भारत जी राम जी विधेयक पर बोलते हुए कहा, रामजी की चिड़िया, राम जी का खेत, खाओ मेरी चिड़िया भर भर पेट को चरितार्थ करते हुए देश में राम राज्य के संकल्प को साकार करने के लिए हर हाथ को काम मिले और प्रत्येक गांव का विकास हो।

 

अब ग्रामीण परिवारों को रोजगार के लिए 100 दिन से बढ़कर 125 दिन यानी पहले से अधिक रोजगार देने के साथ 125 दिन की मजदुरी रोजगार की वैधानिक गारंटी का प्रस्ताव विकसित भारत जी राम जी के नाम से विधेयक प्रस्तुत हुआ है मैं उसका समर्थन करता हूं। जो भारत को समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर करेगा।

 

जिससे भारत देश में लगभग साढ़े पंद्रह करोड़ जॉब कार्ड धारी लोग लाभान्वित होंगे जिसमें मेरे म.प्र. के ही लगभग एक करोड़ जॉब कार्ड धारियों को लाभ होगा। यह रोजगार की गारंटी देने वाला कानून बन रहा है जिसका नाम वीबी-जी राम जी रखकर राम राज्य स्थापित करने के लिए एक कदम बढ़ाया है। अंतिम व्यक्ति भी सुखी हो यही राम राज्य है।

 

यह खुद महात्मा गांधी की जी अवधारणा रही है। इसलिए मैं भी प्रस्ताव का समर्थन करता हूं। पहले की मनरेगा योजना में कईं राज्यों में अनियमतता हुई। कोई स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण नहीं हुआ और यह योजना केवल पैसा बांटने की योजना तक ही सीमित रही। यहां तक कि देश में मजदूर भाई, भाइयों को रोजगार तो दूर यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। कईं राज्यों में मस्टर रोल पर फर्जी प्रविष्टियां की गई और मजदूरी में कटौती की गई।

 

कोई देखने वाला नहीं था, लेकिन आज के समय में प्रधानमंत्री के विकसित भारत की परिकल्पना के आधार पर ग्रामीण विकास, ग्रामीण कौशल, ग्रामीण अधोसंरचना को ध्यान में रखते हुए योजना में कईं बदलाव लिए हैं। साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की भी परिकल्पना थी कि देश का अंतिम व्यक्ति भी विकास का केंद्र हो और महात्मा गांधी जी का सपना भी।

जहां पर हर व्यक्ति को सम्मान और आत्मनिर्भरता से जीवन यापन करने के लिए अब मनरेगा नहीं वीबी-जी राम जी यानी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण बिल 2025 आ रहा है जो 125 दिन रोजगार देने की गारंटी दे रहा है।

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