
बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील अंतर्गत मांडवा ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, यहां एक कथित झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।
बुरहानपुर जिले के मांडवा ग्राम पंचायत का मम्मला है, जहां एक स्वयंभू डॉक्टर खुद को इलेक्ट्रो होम्योपैथी का चिकित्सक बताकर एलोपैथी उपचार कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार संबंधित व्यक्ति सलाइन चढ़ा रहा है, इंजेक्शन लगा रहा है और एलोपैथी दवाइयां लिख रहा है।
नियमों के अनुसार जिस पद्धति की डिग्री या मान्यता हो, उसी में इलाज किया जा सकता है। लेकिन यहां कथित डॉक्टर खुलेआम कह रहा है कि “गांव में सभी प्रकार के इलाज करना पड़ते हैं।
सवाल यह है कि क्या गांव में कानून अलग है? क्या ग्रामीणों की जान की कोई कीमत नहीं?
मुकेश ल्हासे,झोलाछाप डॉक्टर।
इस मामले में नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने स्पष्ट कहा है कि यदि संबंधित व्यक्ति अपनी पंजीकृत पद्धति के बाहर इलाज कर रहा है तो यह पूर्णतः गलत है। प्रशासन टीम भेजकर जांच करेगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भागीरथ वखला (एसडीएम):
स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही और अवैध प्रैक्टिस सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। प्रशासन की कार्रवाई कब तक होती है, यह देखना होगा।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है —
क्या मांडवा में यूं ही चलता रहेगा झोलाछाप का खेल, या होगी सख्त कार्रवाई।