
मध्यप्रदेश के महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत समस्त ऑगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संपर्क ऐप में उपस्थिति लगाने पर अधिकारियों द्वारा दवाव डाला जा रहा है जबकि विभागीय ऐप पोषण ट्रेकर मैं दैनिक उपस्थिति कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की बच्चों की बर्चा का नाश्ता, भोजन गर्भवती, शिशुवती माताओं और बच्चों की गृह भेंट बजन टी. एच आर (टेक होम राशन) टीकाकरण रेफरल सेवाएं, एम पी आर, डबल ए.एस.आर सभी प्र की सेवाओं की मासिक एवं वार्षिक जानकारी पूर्व से ही दर्ज की जा रही है। पोषण ट्रेकर ऐप मैं लोकेशन के साथ फोटो भी भेजी जा रही है। फिर भी कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाकर एक ही तरह के कार्य को दो दो ऐप में कराये जाने को कहा जा रहा है। विभागीय मोवाइल इतनी मैमोरी के नहीं दिये गये है कि वह इतना डाटा का काम कर सके। मोवाइल डाटा के लिए मात्र 200 रुपये मासिक दिये जा रहे है जो कि डाटा के लिए पर्याप्त नहीं है और एक वर्ष से वह भी नहीं दिये गये है। ग्रामीण आंचलों में नेटवर्क की प्रोब्लम के कारण बहुत परेशानी होती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को संपर्क ऐप पर काम करने में समस्या हो रही है। पर अधिकारियों द्वारा मानदेय काटने की औल कार्यवाही करने की धमकी दी जा रही है। हम अल्प मानदेय वाली बहनों का इतना शोषण क्यों किया जा रहा है। जबकि सभी विभागों मैं कर्मचारियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जा रहा है।ऐसे मैं बहनों पल बहुत मानसिक दवाव पढ़ रहा है। जबकि विभाग व निरीक्षण हेतु प्रति 25 ही केंद्र पर एक सुपरवाइजर भी नियुक्त की गई है। आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा हमारी बहनों के प्रति दयाभाव रखते हुये समस्या का समाधान करने का कष्ट करे।संजीवनी महाजन सहायिका बाइट,कविता कदम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता