जिला शिक्षा अधिकारी बुरहानपुर द्वारा आयोजित शिक्षा विभाग की परामर्श दात्री मीटिंग आयोजित की गई थी जिसमें जिले के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाओं की विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने के संबंध में संगठन शामिल हुए जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष एवं कर्मचारी कांग्रेस के महामंत्री ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित शामिल होकर शिक्षक शिक्षिका की विभिन्न समस्याओं का ध्यान आकर्षण किया गया इस अवसर पर अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय राऊत ,मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव अमर पाटील, शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धनराज पाटील ,अपेक्स के राजकुमार मंडलोई ,अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सैयद शहजाद अली, नेशनल मूवमेंट ऑफ़ ओल्ड पेंशन स्कीम के जिला अध्यक्ष अनिल बाविस्कर ने शामिल होकर कर्मचारियों अधिकारियों की विभिन्न समस्याओं को रखा जो निम्नलिखित है।
1) जिले में शिक्षकों की क्रमन्नति महंगाई भत्ते का एरियाज का भुगतान शेष है, शीघ्रता शीघ्र भुगतान किया जाए २) कार्यालय द्वारा 12 24 30 वर्ष के क्रमन्नति एवं 10 20 30 समय मान वेतनमान के आदेश हो गए हैं उनका वेतन निर्धारण कर वेतन के साथ इस माह के वेतन में जोड़ा जाए ।
3,) नव नियुक्त शिक्षकों की 3 वर्ष की परीक्षा अवधि समाप्त होने के पश्चात भी उन्हें पूर्ण वेतन का लाभ नहीं मिला है एवं परीक्षा अवधि समाप्ति के आदेश जारी किया जाए।
4) जनजातीय विभाग खकनार विकासखंड के नवनियुक्त शिक्षकों के यूनिक आईडी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बनाई जाती है अतः शेष शिक्षकों की यूनिक आईडी बनाई जाए।
5) मध्य प्रदेश शासन एवं न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश होने के बावजूद भी कई शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ कार्य में लगी है जबकि विशेष रूप से गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान के शिक्षकों को भी बी ल ओ से मुक्त रखने के निर्देश है फिर भी ड्यूटी लगने के पश्चात भी उनका आवेदन स्वीकृत नहीं किया जा रहा है ।
6) मृत शासकीय सेवकों को अनुकंपा नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही इस संबंध में चर्चा की गई7) ई अटेंडेंस शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं होने के कारण उपस्थित नहीं लग रही है उनकी ऑफलाइन उपस्थित स्वीकार की जाए 8) हॉस्टल में कार्यरत अधीक्षक 8 वर्षों से एक ही जगह पदस्थ है जबकि नियम 3 वर्ष का है उनको क्यों नहीं हटाया गया ।
उपरोक्त सारे बिंदुओं पर चर्चा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सोलंकी जी ने कहा कि 15 दिवस के अंतर्गत सारी समस्याओं का निदान किया जाएगा जो हमारे अधिकार क्षेत्र में वह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा एवं जो संयुक्त संचालक एवं आयुक्त शिक्षा से संबंधित होगा उसे संबंध में करवाई की जाकर समस्त कार्य किए जाएंगे।