धूलकोट में बिरसा मुंडा जयंती पर जनजातीय गौरव कार्यक्रम
पीएम मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत की – सांसद ज्ञानेश्वर पाटील।
– सांसद ने बजाया ढोल आदिवासी लोकनृत्य पर झूमे विधायक, समाजजन व अधिकारी
बुरहानपुर। भगवान बिरसा मुंडा अपनी धरती और जड़ों के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान के प्रतीक थे। आज जब हम उनकी जयंती मना रहे हैं, हम इस महान व्यक्तित्व के अप्रतिम योगदान को याद करते हैं। आदिवासी संस्कृति, सम्मान और स्वतंत्रता के लिए अथक संघर्ष करने वाले भगवान बिरसा मुंडा न केवल आदिवासी समुदाय के गौरव के प्रतीक बने, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान नेता भी थे।
यह बात खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को आदिवासी बाहुल्य धुलकोट क्षेत्र के शासकीय माध्यमिक शाला में आयोजित कार्यक्रम में कही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वतंत्रता के 75 वर्षों का जश्न मनाते हुए वर्ष 2021 में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया गया था।प्रधानमंत्री मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत की।
उन्होंने भोपाल स्टेशन का नाम राजमाता रानी कमलापति के नाम पर रखकर भारत के जनजातीय इतिहास को पुनर्जीवित किया है। केंद्र और राज्य सरकारें सभी वर्गों के लिए विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही हैं।
भगवान बिरसा मुंडा महान समाज सुधारक भी थे- मंजू दादु।
नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने 20 साल की छोटी सी उम्र मेंवनवासी-गिरिवासी समाज में उलगुलान की चेतना जागृत करने का कार्य किया। वे केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने मिशनरियों के धर्मांतरण और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई।
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन केवल उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए आदिवासी समुदाय के ही नहीं, बल्कि गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को उजागर करने के लिए भी है।
यह दिवस राष्ट्र के लिए उनके द्वारा दिए गए बलिदानों को याद करते हुए, उनकी सांस्कृतिक प्रथाओं और परंपराओं की रक्षा और संरक्षण का प्रतीक है। विधायक दादु ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी ने जनजातीय समुदाय के विकास के लिए 662 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 133 विकास कार्यों की सौगात दी है।
कार्यक्रम के पूर्व सुक्ता फाटे पर लगी टंट्या मामा की प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण कर रैली में शामिल हुए। रैली में आदिवासी परंपराओं का रंग बिखरेगा। ढोल, मांदल और पारंपरिक नृत्य की गूंज के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
वरिष्ठजनों का सम्मान विद्यार्थियों को किया पुरुस्कृत
कार्यक्रम में सांसद, विधायक ने गांवों के पटेल, पुजारा और समाज के वरिष्ठजनों का शाल और श्रीफल से सम्मान किया, साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
यह शासकीय विभागों के स्टॉल भी लगाए गये जिनमें हितग्राहियों का पंजीयन भी किया गया।