आज 19 मार्च से भव्य दिंडी पदयात्रा के साथ शुरू होगा मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला, नौ दिनों तक आस्था, संस्कृति और विकास का संगम।
बुरहानपुर। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम धामनगांव स्थित मां वाघेश्वरी मंदिर परिसर में आज 19 मार्च (गुरुवार) से मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले का भव्य शुभारंभ दिंडी पदयात्रा के साथ होगा। यह मेला 27 मार्च (श्रीराम नवमी) तक चलेगा, जिसमें धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ग्रामीण परंपराओं और विकासात्मक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के मार्गदर्शन में आयोजित यह मेला अब क्षेत्र की पहचान बन चुका है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को आकर्षित करता है।
भक्ति और उत्साह के साथ निकलेगी दिंडी पदयात्रा
मेले का शुभारंभ आज 19 मार्च 2026 गुरूवार को शाम 5 बजे ग्राम बंभाड़ा स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर से निकाली जाने वाली भव्य दिंडी पदयात्रा से होगा, जो मां वाघेश्वरी मंदिर धामनगांव पहुंचेगी। इस पदयात्रा में कीर्तनकार, भजन मंडलियां, वारकरी दिंडी मंडल और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, भजनों और कीर्तन के साथ पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में डूबा रहेगा।
नौ दिनों तक सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला
मेले के दौरान प्रतिदिन 19 मार्च गुड़ी पड़वा से 27 मार्च श्री राम नवमी तक शाम 6 बजे से विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो स्थानीय और बाहरी कलाकारों की प्रस्तुतियों से सुसज्जित होंगे। 20 मार्च को संदीप पाल महाराज द्वारा खंजरी पर आधारित हास्य-रस से भरपूर कॉमेडी कीर्तन, 21 मार्च को ब्रह्मपुर कला कौशल द्वारा पारंपरिक व्यायामशालाओं का प्रदर्शन, 22 मार्च को पारंपरिक कांटा-कुश्ती का विशाल दंगल, 23 मार्च को नागपुर की चंद्रमुखी लावणी डांस ग्रुप द्वारा मराठी लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुति, 24 मार्च को बाबा खाटू श्याम जी का भव्य दरबार एवं भजन संध्या, 25 मार्च को इंडियन आइडल फेम गायक राहुल द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति, 26 मार्च को शेखर निरंजन भाखरे द्वारा भारुंड रंग की प्रस्तुति तथा 27 मार्च को अरुण मनी लख्खा द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेले का समापन होगा।
खेल प्रतियोगिताओं से युवाओं को मिलेगा मंच
ग्रामोदय मेले के अंतर्गत 19 मार्च से 27 मार्च तक क्रिकेट एवं कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में क्षेत्र के युवा खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 25 मार्च को कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।
हस्तशिल्प, वस्त्र बाजार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
मेले में ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष बाजार भी सजाया जाएगा। इसमें महाराष्ट्र की पारंपरिक साडि़यां, चंदेरी और महेश्वरी वस्त्र, बाग प्रिंट कपड़े, लेदर से बने उत्पाद, कोल्हापुरी चप्पल, रेडीमेड कपड़े, आर्टिफिशियल आभूषण, लकड़ी के खिलौने और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। यह बाजार स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
मनोरंजन और खानपान के विशेष आकर्षण
मेले में बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन के भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। झूले, ऊंट-घोड़े की सवारी और विभिन्न खेल गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके साथ ही मेले में सजी चौपाटी पर पारंपरिक और आधुनिक व्यंजनों का स्वाद भी लोग ले सकेंगे, जिससे मेले का अनुभव और अधिक आनंददायक बनेगा।
किसानों के लिए ज्ञान और तकनीक का मंच
ग्रामोदय मेले की विशेषता यह है कि इसमें किसानों के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से कृषि आधारित गतिविधियों में आधुनिक खेती की तकनीक, कपास की उन्नत किस्मों की जानकारी, कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी, प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण और उद्यानिकी एवं वन विभाग द्वारा पौध वितरण शामिल रहेगा। इसके साथ ही मिट्टी, जल और ऊर्जा संरक्षण विषय पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी तथा विशेषज्ञों द्वारा किसानों से संवाद कर उन्हें नवीन तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।
16 वर्षों से निभा रही हैं सेवा और समर्पण की परंपरा
उल्लेखनीय है कि विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस पिछले लगभग 16 वर्षों से चौत्र नवरात्रि के दौरान मां वाघेश्वरी मंदिर परिसर में ग्रामीण परिवेश की साधारण झोपड़ी में रात्रि विश्राम करती हैं। इस दौरान वे गांव में रहकर सीधे ग्रामीणों से संवाद करती हैं और जल संरक्षण, स्वच्छता, रोजगार, योग-प्राणायाम तथा पारंपरिक कृषि पद्धतियों पर जनजागरण का कार्य करती हैं।
आस्था, संस्कृति और विकास का केंद्र बना मेला
ग्राम धामनगांव का मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला आज केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यह मेला ग्रामीण जीवन को सशक्त करने, परंपराओं को संरक्षित रखने और विकास को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नागरिकों के भाग लेने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल बना हुआ है।