सीएससी के 17वें स्थापना दिवस पर जिले में भव्य ‘सीएससी दिवस’ का आयोजन, उत्कृष्ट वीएलई हुए सम्मानि
बुरहानपुर।
कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में ‘सीएससी दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर के वीएलई (Village Level Entrepreneurs), अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सीएससी की महत्वपूर्ण भूमिका तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न जनहितकारी सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान सीएससी जिला प्रबंधक हरीश यादव ने बताया कि सीएससी आज ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं का सबसे मजबूत माध्यम बन चुका है। उन्होंने सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही प्रमुख सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आम नागरिक आयुष्मान भारत कार्ड, पैन कार्ड, आधार संबंधी सेवाएं, बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान (डिजीपे), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, ई-श्रम पंजीकरण, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, टेली-लॉ (निःशुल्क विधिक परामर्श), ई-कोर्ट सेवाएं, रेल टिकट आरक्षण, बिजली-पानी सहित विभिन्न उपयोगिता बिलों का भुगतान, बीमा एवं पेंशन सेवाएं, पासपोर्ट आवेदन, डिजिटल शिक्षा, कृषि सेवाएं, लोनबाज़ार के माध्यम से ऋण सुविधा तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक ऑनलाइन सेवाओं का लाभ अपने ही गांव के निकट सीएससी केंद्रों से प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि जिला श्रम अधिकारी श्री कन्हैयालाल मोरे ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 17 वर्षों में सीएससी ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुलभ रूप में पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज सीएससी डिजिटल इंडिया अभियान का एक मजबूत आधार बन चुका है, जिसके माध्यम से नागरिकों को उनके गांव के समीप ही अनेक सरकारी एवं निजी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है, साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले वीएलई को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान देकर उनके योगदान की सराहना की गई। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सीएससी के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं का लाभ पहुँचाने का संकल्प लिया।