कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों की बैठक लेकर दुर्गा विसर्जन, चल समारोह एवं आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की।
सुरक्षा, यातायात, कानून-व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं एवं त्योहारों के पूर्व की जाने वाली तैयारी को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
आगामी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, चल समारोह, बालाजी रथ यात्रा एवं अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हर्ष सिंह* एवं पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, विसर्जन घाटों की व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख रूप से इन बिंदुओं पर हुई चर्चा एवं दिए गए निर्देश
1. दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था*:
विसर्जन स्थलों एवं घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने तथा आवागमन सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए।
जलाशयों एवं घाटों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं।
गहरे पानी वाले स्थानों को चिह्नित कर आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग लगाए जाएं।
विसर्जन स्थलों पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित गोताखोर, बचाव दल एवं आपातकालीन सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विसर्जन के दौरान बच्चों एवं नागरिकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
2.चल समारोह एवं बालाजी रथ यात्रा की तैयारियां:
चल समारोह के निर्धारित मार्गों का निरीक्षण कर मार्ग में आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जाए।
जुलूस एवं रथ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
मार्गों पर विद्युत तारों, संकरे रास्तों तथा अन्य संभावित बाधाओं का पूर्व परीक्षण किया जाए।
आयोजक समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं समय-सारणी के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसके लिए सतत निगरानी रखी जाए।
3.कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधन:
संवेदनशील क्षेत्रों एवं प्रमुख चौराहों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें।
असामाजिक तत्वों एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं अफवाह फैलाने वाली सूचनाओं पर निगरानी रखी जाए।
किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाए।
शांति समिति के सदस्यों, आयोजकों एवं स्थानीय नागरिकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए।
4.यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था:
चल समारोह एवं विसर्जन मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रभावी यातायात योजना लागू की जाए।
आवश्यकता के अनुसार मार्ग परिवर्तन, डायवर्जन एवं वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए।
श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुविधा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाएं।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक वाहन प्रवेश को नियंत्रित किया जाए।
एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए आवागमन का मार्ग सुगम रखा जाए।
यातायात व्यवस्था में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित प्वाइंट पर सतर्कता से ड्यूटी करें।
5.सीसीटीवी एवं तकनीकी निगरानी
प्रमुख चौराहों, विसर्जन घाटों, चल समारोह मार्गों, दशहरा मैदान एवं संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए।
आवश्यकतानुसार अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था स्थापित कर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सीसीटीवी कैमरों एवं कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का परीक्षण कर उन्हें सुचारू रखा जाए।
तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
6.विद्युत, प्रकाश एवं अग्नि सुरक्षा:
विसर्जन स्थलों, आयोजन स्थलों एवं प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विद्युत विभाग द्वारा खुले तारों, असुरक्षित विद्युत कनेक्शनों एवं अन्य संभावित खतरों की जांच की जाए।
पंडालों एवं आयोजन स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए जाएं।
7.स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाएं:
विसर्जन घाटों एवं आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।
नगर निगम एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय से व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करें।
8.विभागीय समन्वय एवं आपातकालीन तैयारी:
पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का निर्धारण कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच प्रभावी संचार व्यवस्था बनाए रखी जाए।
किसी भी समस्या या कमी की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को देकर उसका निराकरण किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शेण्डे, नगर पुलिस अधीक्षक श्री विनोद सिंह कुशवाहा, नगर निगम कमिश्नर श्री संदीप श्रीवास्तव, शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारी,विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
बुरहानपुर पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील है कि वे त्योहारों के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दें।