एक पौधा – अनेक जीवन: वृक्षारोपण से सजे भविष्य के सपने
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम बोदरली की टेकड़ी पर किया गया वृक्षारोपण कार्य आस्था, सेवा और प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। शिवमहापुराण कथा के पावन सान्निध्य में कथावाचक मनोजचंद्र महाराज सहित मधुकर महाजन मुकुंदा चौधरी करणसिंह पवार ईश्वर महाराज आशीष पाटिल पर्यावरण मित्र संजय राठौड़ ने मिलकर 11 पौधों का रोपण किया।
इन पौधों के लिए ड्रिप सिंचाई की उत्तम व्यवस्था यह दर्शाती है कि केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी निरंतर देखभाल का संकल्प भी लिया गया है।
महाराज जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि वृक्षारोपण एक महान कार्य है, लेकिन उससे भी बड़ा कार्य है पौधे को “मित्र” बनाकर उसकी सेवा करना। जब एक पौधा वृक्ष बनता है, तो वह न केवल वातावरण को शीतल करता है, बल्कि असंख्य जीवों को आश्रय, फल और औषधि प्रदान करता है।
पर्यावरण मित्र संजय राठौड़ द्वारा बताया गया कि गायत्री परिवार के पर्यावरण अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण के साथ-साथ वर्षभर उनकी देखभाल, पानी और सुरक्षा के लिए श्रमदान किया जाता है—यही सच्ची सेवा और समर्पण का उदाहरण है।
विशेष रूप से करणसिंह पवार जी द्वारा अपने पौत्र के प्रथम जन्मदिन पर 5 पौधे लगाना यह संदेश देता है कि हमारे जीवन के हर शुभ अवसर को प्रकृति से जोड़कर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली का उपहार दे सकते हैं।
प्रेरणा यही है —
वृक्षारोपण को केवल कार्यक्रम नहीं, जीवन का संस्कार बनाएं
हर लगाए गए पौधे की सेवा और सुरक्षा का संकल्प लें
अपने हर उत्सव को प्रकृति के नाम करें
आज का यह छोटा प्रयास, कल की हरियाली और आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य बनेगा।
आइए, हम सब मिलकर “वृक्ष मित्र” बनें और धरती को हरा-भरा, समृद्ध और जीवनदायी बनाएं।