आस्था के संग रोमांच का संगम! वाघेश्वरी मेले में करतब, कबड्डी और संस्कृति का महाकुंभ, तालियों से गूंजा मैदान

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मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में परंपरा, पराक्रम और प्रतिभा का अद्भुत संगम, व्यायामशालाओं के करतबों ने बांधा समां, अर्चना चिटनिस ने किया उत्साहवर्धन।

 

बुरहानपुर। ग्राम धामनगांव में माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले के अंतर्गत आयोजित ब्रह्मपुर कला कौशल एवं विभिन्न व्यायामशालाओं की प्रस्तुतियों ने मेले को जीवंत और रोमांच से भर दिया। कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं द्वारा किए गए योग अभ्यास, लेझिम की तालबद्ध प्रस्तुतियाँ, बाना-बनेट की पारंपरिक युद्धकला एवं हैरतअंगेज शारीरिक करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

पूरे परिसर में ऊर्जा, अनुशासन और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

व्यायामशालाओं से जुड़े कलाकारों ने अपनी कड़ी साधना, साहस और कौशल का परिचय देते हुए एक से बढ़कर एक रोमांचक प्रदर्शन किए। किसी ने नुकीली कीलों पर नंगे बदन लेटकर अपने सीने पर भारी फर्श तुड़वाया और नारियल फोड़कर अपनी सहनशक्ति का परिचय दिया, तो वहीं कुछ कलाकारों ने आंख की पलक और कान में केबल बांधकर पानी से भरी स्टील की बाल्टियाँ और कलसी लटकाकर अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। एक कलाकार ने दांतों से 40 किलोग्राम तक का वजन उठाकर उपस्थित जनसमूह को आश्चर्यचकित कर दिया। इन साहसिक प्रदर्शनों को देखकर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

इस गरिमामयी अवसर पर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए व्यायामशालाओं के उस्तादों का स्वागत-सम्मान कर अभिनंदन किया। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि व्यायामशाला परंपरा हमारे देश की गौरवशाली धरोहर है, जो शरीर के साथ-साथ चरित्र और आत्मबल का भी निर्माण करती है।

कबड्डी प्रतियोगिताएं हुई आयोजित।

इसी क्रम में ग्रामोदय मेला अंतर्गत आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता के दौरान श्रीमती अर्चना चिटनिस सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

 

खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन, फुर्ती और रणनीति से दर्शकों का मन मोह लिया। इस दौरान खेल भावना और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला, जिसने युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि यह मेला 19 मार्च से 27 मार्च (श्रीराम नवमी) तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विविध श्रृंखला चल रही है। भजन संध्या, कीर्तन, पारंपरिक दंगल, लावणी नृत्य, व्यायामशाला प्रदर्शन, खेल प्रतियोगिताएं, कृषि आधारित प्रशिक्षण एवं हस्तशिल्प बाजार जैसे आयोजन मेले को बहुआयामी स्वरूप प्रदान कर रहे हैं। माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला आज केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक उत्थान का सशक्त मंच बन चुका है।

23 मार्च को नागपुर की चंद्रमुखी लावणी डांस ग्रुप द्वारा रंगारंग प्रस्तुति

ग्रामोदय मेले के आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला भी अत्यंत आकर्षक है।

23 मार्च को नागपुर की चंद्रमुखी लावणी डांस ग्रुप द्वारा रंगारंग प्रस्तुति, 24 मार्च को बाबा खाटू श्याम जी का भव्य दरबार एवं भजन संध्या, 25 मार्च को इंडियन आइडल फेम गायक राहुल द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति, 26 मार्च को शेखर निरंजन भाखरे (सिल्लौड) द्वारा भारुंड रंग कार्यक्रम तथा 27 मार्च को अरुण मनी लख्खा की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ मेले का भव्य समापन होगा।

इस प्रकार माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला अपनी भव्यता, लोकप्रियता और सांस्कृतिक प्रभाव से नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक स्मरण करते रहेंगे।

 

 

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