
मुख्यमंत्री से मिला कर्मचारी महासंघ: 25 साल की सेवा ‘शून्य’ होने पर जताई चिंता, वरिष्ठता बहाली की मांग।
भोपाल, बुरहानपुर ,कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और विस्तार से चर्चा की।
प्रमुख मुद्दा: 2018 से दिखाई जा रही वरिष्ठता, 25 साल का नुकसान
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के लाखों शिक्षक और कर्मचारी विगत 20 से 25 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे हैं। कई कर्मचारियों की प्रथम नियुक्ति 1990, 1995 या 2005 की है और सरकारी दस्तावेजों व सेवा पुस्तिका में भी यही दर्ज है।
विवाद की जड़: * शिक्षा विभाग द्वारा IFMS पोर्टल पर इन कर्मचारियों की वरिष्ठता साल 2018 से दिखाई जा रही है।
इससे कर्मचारियों की पिछले 20-25 साल की सेवा ‘शून्य’ मानी जा रही है।
यही स्थिति मंडी बोर्ड भोपाल सहित अन्य विभागों में भी बनी हुई है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक और सेवा लाभ में बड़ा नुकसान हो रहा है।
बड़ी राहत: जल्द मिलेगी कैशलेस इलाज की सौगात
चर्चा के दौरान संयुक्त मोर्चा के साथियों ने प्रदेश के करीब 12 से 13 लाख कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री का आश्वासन:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा—
“मैं स्वयं प्रदेश के कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हूँ। कैशलेस सुविधा के संबंध में कार्यवाही जारी है। जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव लाकर इसे लागू किया जाएगा, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में किसी भी कर्मचारी को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।”
ये रहे उपस्थित
मुलाकात के दौरान कर्मचारी नेता ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के साथ संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ. अशफाक खान, सदानंद कापसे, राजेश साल्वे, अनिल बाविस्कर और धर्मेंद्र चौकसे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख पर आभार व्यक्त किया है।