वोल्टेज समस्या के स्थायी समाधान के लिए अर्चना चिटनिस का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।
बुरहानपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बनी वोल्टेज समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने उच्चाधिकारियों के साथ ग्राम फोफनार एवं तुरकगोराड़ा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बड़गांव से तुरकगोराड़ा ग्रीड तक 33 केवी विद्युत लाइन के अधूरे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, कृषि समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, नितीन महाजन, दत्तु महाजन, वैभव महाजन, शैलेन्द्र महाजन, ईश्वर महाजन, कडु चौधरी, विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री कुंवरसिंह मालवीय, कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र कुमार पाल, कनिष्ठ यंत्री नसीम अंसारी, विद्युत विभाग के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रीमती चिटनिस ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक तकनीकी सुधारों के निर्देश भी दिए।
ग्राम फोफनार स्थित विद्युत केंद्र पर अत्यधिक दबाव के कारण आसपास के 5 से 7 गांवों में कम वोल्टेज, बिजली के उतार-चढ़ाव और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी, जिससे किसानों, ग्रामीणों और छोटे व्यवसायियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए श्रीमती अर्चना चिटनिस के प्रयासों से वर्ष 2018 में ग्राम तुरकगोराड़ा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी, जिसका निर्माण लगभग 2.25 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हो चुका है। प्रारंभ में शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना लंबित रही, लेकिन निरंतर प्रयासों से भूमि उपलब्ध कराकर कार्य को पूर्ण कराया गया।
वर्तमान में फोफनार ग्रीड से तुरकगोराड़ा उपकेंद्र को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है, किंतु अत्यधिक लोड के चलते वोल्टेज समस्या बनी हुई है। ऐसे में बड़गांव से तुरकगोराड़ा तक 33 केवी लाइन का शीघ्र पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे लोड का संतुलन हो सके और विद्युत आपूर्ति में सुधार आए।
उपकेंद्र के पूर्ण रूप से संचालन में आने के बाद बड़सिंगी, मैथा-खारी, भावसा, एकझिरा, चिडि़यापानी, बोरगांव, संग्रामपुर, पिपरी सहित अनेक गांवों को स्थिर एवं सुचारू बिजली आपूर्ति मिलेगी। इससे वोल्टेज की समस्या के साथ-साथ ट्रिपिंग और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर क्षेत्र में केला, गन्ना, कपास और हल्दी जैसी नगदी फसलों का व्यापक उत्पादन होता है, जिसके लिए नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने इस पहल के लिए श्रीमती अर्चना चिटनिस का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि जल्द ही क्षेत्र में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।