
बुरहानपुर
बुरहानपुर: गरीबी को मात देकर सीलमपुरा की बेटी अरुणा तायड़े बनीं पुलिस कांस्टेबल।
एक रोटी कम खाओ, पर बच्चों को जरूर पढ़ाओ” – अरुणा ने दिया संदेश।
सीलमपुरा निवासी अरुणा तायड़े ने पुलिस कांस्टेबल बनकर न सिर्फ समाज बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। जैसे ही अरुणा के पुलिस में चयन की खबर मिली, परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अरुणा ने बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से हैं। पिताजी नामदेव तायड़े कलर-पेंटिंग का काम करते हैं और माता छाया तायड़े दूसरों के घरों में बर्तन मांजने का काम करती हैं। जैसे-तैसे पढ़ाई पूरी की।
अरुणा ने कहा, “मैं उन सभी माता-पिता से कहना चाहती हूं कि एक रोटी कम खाओ, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ। क्योंकि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पीएगा वो शेर की तरह दहाड़ेगा।
अरुणा ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल बनकर देश की सेवा करना उनके माता-पिता का सपना था, जो आज पूरा हुआ।
अरुणा की इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बधाई संदेश आ रहे हैं। परिवार में खुशी का माहौल है। विजय बोदडे, फकिरा रायपुरे, प्रमोद साल्वे, राजु गाढ़े, राकेश इंगले, वंदना बोदडे साध्या, इंगले करुंना, गाढ़े माया रायपुरे सुनीता साल्वे सहित कई लोगों ने अरुणा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अरुणा की सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए मिसाल बन गई है।