बुरहानपुर
राजू सिंह राठौड
कोटवारों एवं नगर सुरक्षा समिति सदस्यों को 07 दिवसीय विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न।
प्रशिक्षण के दौरान कोटवारों एवं नगर सुरक्षा समिति सदस्यों को पुलिस की कार्यप्रणाली, भीड़ नियंत्रण,अनुशासन,परेड, सलामी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था के दौरान पुलिस की मदद करने के गुर सिखाए गए।
समापन समारोह में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
कलेक्टर बुरहानपुर हर्ष सिंह,पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर आशुतोष बागरी के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे एवं नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में आगामी मोहर्रम पर्व, लाइन ऑर्डर ड्यूटी एवं विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुरहानपुर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है।
इसी क्रम में जिले के कोटवारों एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को रेणुका पुलिस लाइन, बुरहानपुर में विशेष पुलिस अधिकारी (Special Police Officer – SPO) के रूप में कार्य करने हेतु 07 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन रेणुका पुलिस लाइन में संपन्न हुआ कार्यक्रम का संचालन श्री विजय गुप्ता द्वारा किया गया। इस आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय विधायक बुरहानपुर श्रीमती अर्चना चिटनीस उपस्थित रही। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी गरिमामयी उपस्थिति रही।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने अपने उद्बोधन में इस प्रशिक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि अपराध होने के बाद कोटवारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। गांव में चल रही गतिविधियों और चर्चाओं से वे महत्वपूर्ण जानकारी निकालकर पुलिस तक पहुंचा सकते हैं।
इससे अपराधों के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिलेगी। हर थाने में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो कोटवारों के संपर्क में रहेगा। साथ ही सभी कोटवारों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्दी बदलने से कोटवारों का सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ेगा। गांव के लोग अब उन्हें प्रशासन से जुड़ा हुआ मानेंगे और उनकी बातों को अधिक गंभीरता से लेंगे। इससे गांवों में अपराधों की रोकथाम और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि सूचना तंत्र की सबसे अहम कड़ी हैं कोटवार कानून व्यवस्था में सूचना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। किसी भी घटना या संभावित घटना की जानकारी समय पर प्रशासन तक पहुंचाना बेहद जरूरी है और इस पूरी व्यवस्था में कोटवारों की भूमिका बहुत अहम है। पहले कोटवारों की वर्दी नीले रंग की होती थी, लेकिन अब उन्हें खाकी वर्दी और नीली टोपी दी गई है।
सात दिन के इस प्रशिक्षण में उन्हें अनुशासन, परेड, सलामी और प्रशासनिक समन्वय की बारीकियां सिखाई गईं, ताकि वे पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें।
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने समापन कार्यक्रम में कोटवारों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पहली जिम्मेदारी गांव के आम लोगों के प्रति है। उन्होंने कहा कि कोटवार यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उनका व्यवहार ऐसा हो, जिससे गांव का जनजीवन प्रभावित न हो। उन्होंने कोटवारों को अपनी नई पहचान और बढ़ी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की सलाह दी। इस दौरान विधायक ने कुछ कोटवारों से उनकी शिक्षा और अन्य विषयों पर भी चर्चा की। समापन समारोह में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जिला और पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे, नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल, रक्षित निरीक्षक सुनील दीक्षित,सांसद प्रतिनिधि , मनोज टंडन,डॉ दीपक वहाबले, विधायक प्रतिनिधि संभाजी सगरे, रुद्रेश्वर ईडोले, भरत रावल, समस्त थाना प्रभारी एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।