
मुख्यमंत्री जवाब दो! युवाओं, किसानों और उज्जैन भूमि घोटाले पर कांग्रेस का आर-पार का ऐलान।
मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस ने युवाओं के भविष्य, किसानों की समस्याओं, उज्जैन भूमि आवंटन, महाकाल लोक परियोजना और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चरणबद्ध जनआंदोलन का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सात बड़े सवाल पूछते हुए कहा है कि अब जनता जवाब चाहती है। साथ ही भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए विशेष डिजिटल पोर्टल शुरू करने और पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाने की घोषणा भी की गई है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष रिंकू टॉक का कहना है कि नीट और सीबीएसई परीक्षा विवाद से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, लेकिन सरकार ने उन्हें समय पर राहत नहीं दी। वहीं किसानों को डीएपी, यूरिया, पर्याप्त बिजली और समर्थन मूल्य जैसे मुद्दों पर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खाद की कालाबाजारी और कृषि व्यवस्था की बदहाली से किसान संकट में हैं।
कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष रविंद्र महाजन का कहना है कि उज्जैन भूमि आवंटन मामले को लेकर मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराने और पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही महाकाल लोक परियोजना में उठे सवालों और सार्वजनिक धन के उपयोग पर भी सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस का कहना है कि जनता के सवालों से बचना लोकतंत्र के खिलाफ है।
प्रदेश कांग्रेस ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल शुरू करने की घोषणा की है, जहां नागरिक गोपनीय तरीके से दस्तावेज और जानकारी साझा कर सकेंगे। इसके अलावा पूरे प्रदेश में पत्रकार वार्ता, छात्र अभियान, जनसभाएं, रैलियां और मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान सार्वजनिक रूप से सवाल पूछने जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस का कहना है कि जब तक युवाओं को न्याय, किसानों को राहत और भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक यह जनआंदोलन लगातार जारी रहेगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस के इन सवालों पर सरकार क्या जवाब देती है।