थानों में पुलिसकर्मियों की अग्नि सुरक्षा ट्रेनिंग, आग लगने पर सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई का अभ्यास

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जिले के समस्त थानों में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर का दिया प्रशिक्षण

 

आग की विभिन्न परिस्थितियों में फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की दी जानकारी।

 

पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे, नगर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में जिले के समस्त थाना परिसरों में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उद्देश्य से फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन एवं उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

 

प्रशिक्षण के दौरान सूबेदार दीपाली यादव एवं टीम द्वारा पुलिसकर्मियों को आग के विभिन्न प्रकारों, आग लगने के संभावित कारणों तथा परिस्थितियों के अनुसार आग बुझाने के उपयुक्त तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर की पहचान, उनकी कार्यप्रणाली तथा आपात स्थिति में उनका सुरक्षित उपयोग किस प्रकार किया जाए, इसका व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

 

प्रशिक्षण में इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दी गई जानकारी

 

आग लगने की स्थिति में सबसे पहले सूचना देने, आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा तत्काल बचाव कार्य शुरू करने के संबंध में जानकारी दी गई।

 

ठोस पदार्थ, ज्वलनशील तरल पदार्थ, विद्युत उपकरण तथा गैस आदि से लगने वाली आग की परिस्थितियों को समझाया गया।

 

अलग-अलग प्रकार की आग के लिए उपयुक्त अग्निशमन यंत्र का चयन कैसे किया जाए, इसकी जानकारी दी गई।

 

CO₂, Dry Chemical Powder (DCP) एवं अन्य प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर की पहचान एवं उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई।

 

फायर एक्सटिंग्विशर में लगे सेफ्टी पिन, हैंडल, प्रेशर एवं नोजल की कार्यप्रणाली को समझाया गया।

 

आपात स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर को सक्रिय करने, आग के आधार की ओर नोजल रखने तथा सुरक्षित दूरी से नियंत्रित तरीके से उपयोग करने की प्रक्रिया बताई गई।

 

विद्युत उपकरणों में आग लगने की स्थिति में पानी के उपयोग से बचने तथा उपयुक्त अग्निशमन यंत्र के उपयोग की जानकारी दी गई।

 

आग बुझाते समय स्वयं की सुरक्षा, धुएं से बचाव एवं सुरक्षित निकासी मार्ग बनाए रखने के संबंध में आवश्यक सावधानियां बताई गईं।

 

पुलिस थाना परिसर में विद्युत उपकरण, रिकॉर्ड रूम, वायरिंग, वाहन एवं अन्य स्थानों पर आग लगने की संभावित परिस्थितियों की पहचान करने के संबंध में जागरूक किया गया।

 

फायर एक्सटिंग्विशर को ऐसे स्थान पर रखने की जानकारी दी गई, जहां आपात स्थिति में उसे आसानी से और तत्काल प्राप्त किया जा सके।

 

अग्निशमन यंत्र की समय-समय पर जांच, प्रेशर एवं वैधता/सर्विसिंग की स्थिति सुनिश्चित करने के महत्व को बताया गया।

 

किसी बड़ी आग की स्थिति में स्वयं जोखिम लेकर आग बुझाने के बजाय तत्काल फायर ब्रिगेड एवं संबंधित आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने पर जोर दिया गया।

 

प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर प्रारंभिक स्तर पर आग पर नियंत्रण पाने के लिए सक्षम बनाना रहा। पुलिसकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर की कार्यप्रणाली समझाते हुए उसके संचालन की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया, ताकि किसी भी आकस्मिक अग्निकांड की स्थिति में वे घबराए बिना त्वरित एवं सुरक्षित कार्रवाई कर सकें।

 

पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी के निर्देशानुसार इस प्रकार के प्रशिक्षण से पुलिस बल की आपदा प्रबंधन क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं अग्नि सुरक्षा संबंधी दक्षता को और मजबूत किया जा रहा है। थाना परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

 

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