लालबाग का राजा महाआरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों मोबाइल टॉर्च से जगमगाया लालबा
बप्पा का विसर्जन भक्तों ने दी भावपूर्ण विदाई
भक्ति-संस्कृति-देशभक्ति की प्रस्तुतियों ने बांधा समां; विभिन्न शहरों से आए कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
बुरहानपुर। ब्रह्मपुर में गणेशोत्सव के दौरान आस्था, भक्ति, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। लालबाग के राजा के दरबार में शुक्रवार रात आयोजित भव्य महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी गई। महाआरती में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, भक्तिमय जयकारों और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को दिव्य और उत्सवमय बना दिया। महाआरती के पश्चात लालबाग के राजा का विसर्जन किया गया, इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखों में विदाई की भावुकता और अगले वर्ष पुनः आगमन की उम्मीद साफ दिखाई दी।
महाआरती के दौरान लालबाग का राजा का दरबार हजारों श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। जैसे ही महाआरती का समय आया, श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल की टॉर्च ऑन कर पूरे परिसर को रोशनी से जगमगा दिया। एक साथ हजारों मोबाइल की रोशनी से ऐसा दृश्य निर्मित हुआ, मानो श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में दीप लेकर गणपति बप्पा की आराधना की हो। चारों ओर गूंजते “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के बीच भक्तिमय वातावरण ने हर किसी को भावविभोर कर दिया।
*भक्ति के साथ कला और संस्कृति का भव्य संगम*
प्रतिवर्षानुसार इस बार भी लालबाग के राजा की महाआरती केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें भारतीय कला, संस्कृति, नृत्य, संगीत, योग, देशभक्ति और आधुनिक तकनीक का भी अद्भुत समावेश देखने को मिला। देश के अलग-अलग शहरों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में मां कंकेश्वरी ग्रुप, इंदौर द्वारा हनुमान अंश थीम पर विशेष प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सर्व शक्ति डांस ग्रुप, इंदौर ने कांवड़ यात्रा की कथा को मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया। भगवान शिव के रुद्र रूप और वीरभद्र स्वरूप पर आधारित प्रस्तुतियों ने वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
*नारी शक्ति ने छोड़ी विशेष छाप* ब्रह्मपुर के स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति थीम कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। प्रस्तुति के माध्यम से महिला शक्ति, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति में नारी के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
वहीं महाकाल डांस ग्रुप, उज्जैन द्वारा प्रस्तुत महाकाल एक्ट ने श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। यूनिक डांस क्रू, पुणे के गोंदल एक्ट ने भी अपनी विशिष्ट शैली से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
*योग, संगीत और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण*
कार्यक्रम में पुरोहित योगा ग्रुप ने योग की विशेष प्रस्तुति देकर भारतीय संस्कृति और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। दिल्ली से आए कलाकारों की स्पेशल डांस प्रस्तुति ने आयोजन में आधुनिक रंग जोड़ा।
वहीं भजन गायिका जीया परमार, इंदौर की सुरमयी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। उनके भजनों के दौरान श्रद्धालु गणपति भक्ति में डूबे नजर आए और पूरा परिसर तालियों एवं जयकारों से गूंज उठा।
लाइट शो और इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने बढ़ाई भव्यता
महाआरती के दौरान आधुनिक तकनीक का भी शानदार इस्तेमाल किया गया। इंदौर से आए कलाकारों के विशाल लाइट शो और इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगा दिए। रोशनी, संगीत और मंचीय प्रस्तुतियों के तालमेल ने दर्शकों के सामने आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किए।
*देशभक्ति की ‘धुरंधर’ प्रस्तुति ने जगाया राष्ट्रभाव* द नटराज ग्रुप, इंदौर द्वारा ‘धुरंधर’ देशभक्ति थीम पर दी गई प्रस्तुति ने भी दर्शकों में उत्साह भर दिया। देशभक्ति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति के दौरान वातावरण में राष्ट्रभाव की झलक दिखाई दी।
‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के कलाकारों ने भी मोहा मन
महाआरती समारोह में मुंबई से आए ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के कलाकारों की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। वहीं पुणे की शांता बाई माजी की विशेष करतब प्रस्तुति ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
स्थानीय कलाकारों को मिला बड़ा मंच
आयोजन में स्थानीय प्रतिभाओं को भी विशेष स्थान दिया गया। राधे मंडल और एम.जे. म्यूजिकल ग्रुप, ब्रह्मपुर ने संगीत और भक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इससे स्थानीय कलाकारों को शहर के बाहर से आए कलाकारों के साथ एक बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
महाआरती के बाद भावुक हुआ माहौल
भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महाआरती के बाद जब लालबाग के राजा को विसर्जन के लिए ले जाया गया तो माहौल में उत्साह के साथ भावुकता भी नजर आई। श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने बप्पा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष के बीच लालबाग के राजा को भावपूर्ण विदाई दी गई। गणेश विसर्जन के साथ ही उत्सव का समापन हुआ, लेकिन महाआरती की रोशनी, कलाकारों की प्रस्तुतियां और हजारों श्रद्धालुओं की सामूहिक आस्था का दृश्य लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
आयोजकों के अनुसार आयोजन का उद्देश्य भगवान गणपति की आराधना के साथ भारतीय कला-संस्कृति, नारी शक्ति, देशभक्ति और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा। ब्रह्मपुर के लालबाग के राजा का यह आयोजन इसी समन्वय के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना और गणेशोत्सव की भव्यता को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।