नेपा में डिजिटल प्रशिक्षण पर जोर, मिशन कर्मयोगी से बढ़ेगी अफसर-कर्मचारियों की कार्यकुशलता
ऑनलाइन पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया समझाई; सीएमडी नरेश सिंह ने कहा—निरंतर सीखने से संस्थान की प्रगति को मिलेगी गति
भारी उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के उपक्रम नेपा लिमिटेड के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए गुरुवार को प्रशासनिक भवन में मिशन कर्मयोगी के तहत जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच पर पंजीकरण, प्रवेश, पाठ्यक्रम चयन, प्रशिक्षण पूरा करने, मूल्यांकन और प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई।
इस अवसर पर सीएमडी नरेश सिंह ने कहा कि डिजिटल प्रशिक्षण से अधिकारियों और कर्मचारियों को नया ज्ञान, तकनीकी दक्षता और कार्य-कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है। इससे व्यक्तिगत कार्यक्षमता के साथ संस्थान की कार्यप्रणाली, उत्पादकता और प्रगति भी बेहतर होगी। उन्होंने सभी से निरंतर सीखने और ऑनलाइन प्रशिक्षण संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। निदेशक वित्त पी.जे.एम. डिक्सन ने कहा कि बदलती कार्य-आवश्यकताओं और तकनीकी बदलावों के दौर में ऑनलाइन प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यावसायिक क्षमता, कार्यदक्षता और जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन में मदद मिलेगी।
आईटी विभाग के मोहम्मद इलियास सिद्दीकी ने कंप्यूटर के माध्यम से प्रशिक्षण मंच पर पंजीकरण और प्रवेश की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने पाठ्यक्रम चुनने, प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरा करने, मूल्यांकन में शामिल होने और प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया समझाई।
23 भाषाओं में 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम
जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि प्रशिक्षण मंच केंद्र सरकार के मिशन कर्मयोगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें प्रशासन, वित्त, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, कार्यालय प्रबंधन, नेतृत्व, व्यवहार कौशल और जनसेवा सहित कई विषयों के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, मंच पर 5,600 से अधिक पाठ्यक्रम और 6,953 घंटे की अध्ययन सामग्री 23 भाषाओं में उपलब्ध थी। सरकारी जानकारी में 200 से अधिक प्रशिक्षण प्रदाताओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें विभिन्न मंत्रालयों, सरकारी विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों के पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इन पाठ्यक्रमों से अधिकारी और कर्मचारी अपने पद, कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों के अनुरूप ज्ञान एवं कौशल विकसित कर सकते हैं। इससे कार्यों की गुणवत्ता, निर्णय क्षमता और संस्थान की कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
ये अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
सत्र में उप महाप्रबंधक कार्य सुरेंद्र मेहता, वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन ज्ञानेश्वर खैरनार, नेपा ऑफिसर्स स्टाफ एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र केशरी, प्रबंधक पेपर मशीन के.के. देशमुख, प्रबंधक मैकेनिकल विजय चौधरी, प्रबंधक इंस्ट्रूमेंटेशन मनीशकांत शर्मा, उप प्रबंधक पावर हाउस सुधीर कुमार पटले, उप प्रबंधक डीआईपी संयंत्र देवेंद्र महोबे, उप प्रबंधक वाणिज्य सी.एन. वर्मा, उप प्रबंधक पेपर मशीन सुनील कुल्थे, उप प्रबंधक पावर हाउस स्वतंत्र कसेरा, उप प्रबंधक अनुरक्षण पिंटू कुमार, सहायक प्रबंधक आईटी विजय कुमार भामरे, सहायक प्रबंधक औद्योगिक संरक्षा प्रशांत सोनी सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।