पांगरी बांध पर फूटा किसानों का गुस्सा—जादू-टोना आंदोलन से प्रशासन में हड़कंप, भूमि अधिग्रहण में धांधली के आरोपों पर उबाल!

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पांगरी बांध प्रभावित किसानों ने किया जादू टोना आंदोलन।

बुरहानपुर जिले के सबसे बड़े एवं चर्चित पांगरी परियोजना ने एक नया मोड़ ले लिया है ।

दिनांक २८ /११/२०२५ दिन शुक्रवार को दोपहर १२ बजे अचानक बढ़ी संख्या में किसानों ने जादू टोना कर बड़े बांध बनाने से जिले में सनसनी फ़ैल गई। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला पांगरी बांध परियोजना को लेकर पिछले 3 वर्षों से किसान एवं प्रशासन आमने-सामने हैं ।

पांगरी बांध परियोजना के न्याय हेतु संघर्ष के मुख्य सुत्रधार डॉ रवि कुमार पटेल ने जादू टोना आंदोलन का स्पष्टीकरण दिया कहा कि अनुविभागीय अधिकारी ने भुमि अधिग्रहण कानून धारा ११ का पत्र २६/११/२५ को जारी किया है।

किसी भी परियोजना के आरंभ में जन सुनवाई एवं प्रारंभिक अधिसूचना जारी की जाती है ,जो अभी जारी किया गया जबकि बांध निर्माण का कार्य २९/३/२५ शनिवार को सुरु किया गया।

इस तरीके से प्रशासन किसानों से धोखा कर रही है। अनुचित तरीके से भुमि अधिग्रहण कर रही है जबकि कानून के नाम में ही उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता दिया है। बहुत बड़ी संख्या में किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके आंदोलन को अंजाम दिया और कहा कि अगर सरकार ने अपनी मनमानी बंद नहीं कि तो आंदोलन तीव्र किया जाएगा ।

 

डॉ पटेल ने कहा कि यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची के अंतर्गत सम्मिलित है ऐसे में यहां किसी भी परियोजना हेतु ग्राम सभा कि सहमति अनिवार्य रूप से आवश्यक है। ग्राम सभा कि असहमति एवं विरोध के बावजूद,साम,दाम,दंड, भेद निती का प्रयोग कर सरकार गरीब आदिवासीयों, किसानों को शोषण कर रही हैं। एक तरफ तो आदिवासियों के सामाजिक,आर्थिक शोषण के खिलाफ कड़ा कानून हैं।

दुसरी तरफ शासन स्वयं इनका शोषण करने से ज़रा नहीं हिचक रही हैं। इस आंदोलन में प्रमुखता से नंदू पटेल, मान्या भिलावेकर, रामदास महाराज, माधो नाटो,बद्री भाई , सालिकराम जी श्रीकिसन,नीतीश श्रॉफ,संजय चौकसे, राहुल राठोड़,ओमप्रकाश,मामराज भाई,विजय,पन्ना पटेल,रुपला, कालु भाई, देवा, विजय आदि अन्य किसानों ने सहभाग लिया

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