
जलगांव जामोद पुलिस की नाक के नीचे वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 75 लाख का गुटखा जब्त
पत्रकारों से दुर्व्यवहार पर आक्रोश
जलगांव जामोद पुलिस की नाक के नीचे वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 75 लाख रुपये कीमत का विमल गुटखा और पान मसाला जब्त किया है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित सातपुड़ा पर्वत के पायथ्य में बने वन विभाग के चेक पोस्ट पर देर रात की गई।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद जलगांव जामोद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, घटना की रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा दुय्यम और अपमानजनक व्यवहार किए जाने से भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 दिसंबर की रात करीब 1 से 2 बजे के बीच मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र की ओर आ रहे आइशर ट्रक क्रमांक MH30 BD 7585 को वन विभाग के कर्मचारियों ने संदेह के आधार पर रोका और तलाशी ली।
जांच के दौरान ट्रक में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित गुटखा पाया गया। इसके बाद वन विभाग ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी और ट्रक को जलगांव जामोद पुलिस थाने लाया गया।
गौरतलब है कि जलगांव जामोद पुलिस थाना क्षेत्र से प्रतिदिन खामगांव, नांदुरा और जलगांव जामोद की ओर बड़े पैमाने पर अवैध गुटखा परिवहन होने की चर्चा लंबे समय से है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा इस ओर ‘अर्थपूर्ण अनदेखी’ किए जाने की बातें सामने आ रही हैं।
इस कार्रवाई में भी पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में रही। नियमानुसार गुटखा उतारते समय पूरी प्रक्रिया का आधिकारिक वीडियो रिकॉर्डिंग आवश्यक थी, लेकिन पुलिस द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि आरोपियों को कानून के तहत हिरासत में लेने के बजाय, थाना प्रभारी नितिन पाटील ने कथित तौर पर आरोपियों और उनके सहयोगियों की मदद से ही गुटखा उतरवाया।
इस बड़े मामले की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ जलगांव जामोद पुलिस ने अत्यंत दुर्व्यवहार किया। कार्रवाई को पारदर्शी रखने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सूचना देने से बचना और पत्रकारों को सहयोग न करना, पुलिस आखिर किसे बचाने की कोशिश कर रही है, यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर बुलढाणा जिले के पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। जलगांव जामोद पुलिस प्रशासन और गुटखा माफियाओं के बीच संभावित सांठगांठ की गहन जांच कर, संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग जागरूक नागरिकों द्वारा की जा रही है।
बुलढाणा जिल्हा रिपोर्टर शेख शहेज़ाद।