लेखन पाटी आंदोलन, बच्चों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार
पांगरी बांध परियोजना न सिर्फ बुरहानपुर जिले के लिए बल्कि प्रदेश भर के लिए एक अचरज ,असमंजस एवं विस्मय का विषय बनता जा रहा है ,समाज के विभिन्न वर्गों तथा गलियारों में चर्चा का ज्वलंत मुद्दा साबित हो रहा है । अपने अनूठे आंदोलन के लिए प्रख्यात पांगरी बांध के किसानों ने आज फिर एक अनूठे आंदोलन को अंजाम दिया किंतु इस बार किसानों ने नहीं बल्कि उनके परिवार जनों ने , बच्चों ने आंदोलन की बागडोर हाथ में ली और सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से गुहार लगाई कि उन्हें दोगुना मुआवजा चाहिए और प्रशासन कानून को जिस तरह से तोड़ मरोड़ के प्रस्तुत कर रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए तथा विधिवत दो गुना मुआवजा एवं सांत्वना राशि मिलनी चाहिए । किसानों के छोटे छोटे नन्हे बच्चों ने हृदय से मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन किया और उम्मीद जताई कि वे बच्चों की बात को नहीं टालेंगे चुंकि बच्चे न्याय संगत मुआवजा की बात कर रहे हैं । सभी बच्चों ने अपने पाटी में हमें न्याय चाहिए तथा जय जवान जय किसान आदि स्लोगन लिख रखा था
इस आंदोलन में गरीब किसान ,आदिवासियों के बच्चों ने बढ़-चढ कर के हिस्सा लिया पांगरी ,बसाली, नागझिरी गावो के बच्चों ने उपस्थित होकर सरकार से अपने हक की बात कही इस आंदोलन को सफल बनाने में प्रमुखता से नंदू पटेल ,राहुल राठौर ,संजय चौकसे, माधो नाटो, कालू चौकसे ,ओमप्रकाश, श्रीराम , दिपक पवार
श्रीकिशन ,बद्री वास्कले ,मामराज, मान्या भिलावेकर,पन्ना पटेल, मनोज भाई, मसांराम
मनोहर नायक, हजारी राठौर, कालू कनोजे, युवराज पवार, मनोहर राठौड़,आदि अन्य किसानों ने एवं बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।