स्कूल या लूट का अड्डा? सेंट टेरेसा में 5 वर्षों से नियमों की अनदेखी

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बुरहानपुर

 

फीस वृद्धि का संचालन

 

 

बुरहानपुर जिले के सेंट टेरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल में स्कूल प्रबंधन की मनमानी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शासन के स्पष्ट नियमों के बावजूद पिछले पाँच वर्षों में विद्यार्थियों से नियम विरुद्ध फीस वृद्धि वसूली गई, जिसकी पुष्टि खुद स्कूल शिक्षा विभाग की जांच में हो चुकी है।

 

नियमों के अनुसार किसी भी निजी स्कूल को अपनी मर्जी से अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि करने का अधिकार है। इससे अधिक फीस बढ़ाने के लिए स्कूल प्रबंधन को जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके बाद कलेक्टर द्वारा गठित शिक्षा समिति तय करती है कि फीस वृद्धि की अनुमति दी जाए या नहीं,लेकिन सेंट टेरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल में बिना किसी अनुमति के करीब 26 प्रतिशत तक फीस वृद्धि कर दी गई। यह वृद्धि न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने वाली भी है।

 

इस मामले को लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार अभिभावक फरीद काजी कलेक्टर कार्यालय में शिकायत कर रहे हैं। जांच के दौरान यह बात सही पाई गई कि स्कूल में 26 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ को लिखित में अवगत भी कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है,नियम यह भी कहते हैं कि यदि अवैध रूप से फीस वृद्धि की गई हो, तो बढ़ी हुई राशि विद्यार्थियों को वापस की जानी चाहिए, लेकिन अभिभावकों का आरोप है कि ऐसा नहीं किया गया। इसी को लेकर अभिभावक फरीद ने एक बार फिर कलेक्टर से शिकायत दर्ज कराई है।

 

 

इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन फादर फिलिप अब अपने ही बयान से पलटते नजर आ रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने इतनी फीस वृद्धि नहीं की, जबकि इससे जुड़े दस्तावेज मीडिया के पास उपलब्ध हैं।

 

 

वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की नियम विरुद्ध फीस वृद्धि पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है “जांच में यह पाया गया था कि स्कूल में करीब 26 प्रतिशत तक फीस वृद्धि की गई है। इस संबंध में हमने लिखित प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को प्रस्तुत कर दिया है।

 

 

वही Adm वीर सिंह चौहान का कहना है कि “बिना अनुमति के इस प्रकार फीस वृद्धि करना नियमों का उल्लंघन है और इस पर दंडात्मक प्रावधान लागू होते हैं। यह वृद्धि बिना सूचना और अनुमति के की गई है।

 

 

अब बड़ा सवाल यह है कि जब जांच में नियम विरुद्ध फीस वृद्धि की पुष्टि हो चुकी है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी और अभिभावकों को उनका हक कब मिलेगा।

 

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