वरि. नाग. अधिकरण के जज श्री अजमेर सिंह गौर के खिलाफ हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दर्ज।
(विधवा महिला ने, अपनी जमीन जेठ द्वारा हड़पने का आरोप लगाते हुए जमीन वापस दिलाए जाने का प्रकरण “कानून के खिलाफ” निरस्त करने का आरोप लगाते हुए, हाईकोर्ट में प्रस्तुत की शिकायत)
बुरहानपुर उधर जस्टिस वर्मा के इस्तीफे के बाद न्यायालयीन गड़बड़ियों से संबंधित विवाद ठंडा ही हो रहा था कि, एक अन्य असामान्य / अप्रत्याशित घटनाक्रम में बुरहानपुर के वरिष्ठ नागरिक अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अजमेर सिंह गौर के खिलाफ, बुरहानपुर की विधवा महिला/ वरिष्ठ नागरिक श्रीमती सूफिया बानो की अवमानना याचिका दि 02.05.2026 को मा. हाईकोर्ट जबलपुर बेंच द्वारा दर्ज कर ली गई ।
उल्लेखनीय है कि, उक्त वरिष्ठ नागरिक विधवा महिला श्रीमती सूफिया बेगम ने अमेरिकावासी अपने जेठ याकूब हसन पीरजादा के विरुद्ध अपनी करोड़ों की कृषि भूमि / जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए, उन्हें बेदखल करके अपनी जमीन वापस दिलाए जाने का प्रकरण “वरिष्ठ नागरिक अधिकरण बुरहानपुर (पी. अ. – श्री अजमेर सिंह गौर)” में प्रस्तुत किया था, जिसमें अधिकरण द्वारा उनके उक्त जेठ याकूब हसन पीरजादा को नोटिस जारी होने के बाद उक्त जेठ याकूब हसन पीरजादा ने उपस्थित होकर अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया, इस अंतरिम आवेदन को स्वीकार करके अधिकरण ने वरिष्ठ नागरिक विधवा महिला श्रीमती सूफिया बेगम का प्रकरण ही निरस्त कर दिया, इसी को लेकर उक्त सूफिया बेगम ने अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अजमेर सिंह के विरुद्ध उक्त अवमानना याचिका मा. उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की है । निकट भविष्य में उक्त अवमानना याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है ।
याचिकाकर्ता वरिष्ठ नागरिक श्रीमती सूफिया बेगम की ओर से उनके अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल, “अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर” सहित “मा. उच्च न्यायालय (जबलपुर)”* में पैरवी कर रहे हैं ।
अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि क्योंकि अवमानना याचिका वर्तमान में “मा. उच्च न्यायालय जबलपुर” और अपील “मा. अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर बुरहानपुर)” के समक्ष लंबित है इसलिए अभी वे इससे अधिक कुछ नहीं कह सकते ।
मनोज कुमार अग्रवाल (अधिवक्ता)
9425085991