
बिंग ब्रेकिंग :- कीचड़ भरे मार्ग से होकर स्कूल जाने को मजबूर छोटे-छोटे नन्हीहाल बच्चे, शासन-प्रशासन या जिम्मेदार अधिकारियों का नहीं है इस ओर कोई ध्यान——
बुरहानपुर:- धुलकोट क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत धुलकोट के गाडरिया फालिया, चारण फालिया, सैलानी बाबा, मिट्ठू माल, सामर फालिया, में रूपारेल नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण रोड़ पर कीचड़ हो जाता है जिससे की स्कूली बच्चों ओर ग्रामीणों को आने जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बारिश के दौरान यही से स्कूली बच्चे रास्ते में कीचड़ भरे मार्ग से होते हुए स्कूल जाते है। स्कूली बच्चों को आने जाने में कई सालों से बारिश के दौरान मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान कई बार कीचड़ के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है जिससे कि शिक्षा का स्तर धीरे धीरे बहुत कमजोर होते जा रहा है।
फिर भी शासन प्रशासन इस तरफ कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। गांव के ही ग्रामीण बताते हैं कि यह रोड़ पंचायत विभाग की ओर से पिछले साल धुलकोट मंडल अध्यक्ष राजेश चारण के द्वारा बनाया गया था लेकिन रोड़ गुणवत्ताहींन नहीं होने के कारण साल भर में ही पूरा उखड़ गया।
धुलकोट क्षेत्र के ग्रामीण बताते है कि आजादी के 78 साल होने के बावजूद भी आज ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति जैसी की वैसी ही है आज भी कई लोगों को सही ढंग से सही समय पर शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले कई सालों से ग्रामीण, पंचायत विभाग को रोड़ बनवाने की मांग कर रहे थे। जैसे ही काफी विरोध शुरू हुआ वैसे ही पिछले साल पंचायत ने उस रोड़ निर्माण का कार्य शुरू करवाया लेकिन यह रोड़ साल भर होते ही पूरा उखड़ गया।
ग्रामीण बताते है कि यह रोड़ धुलकोट मंडल अध्यक्ष राजेश चारण ओर पंचायत के सरपंच सानीबाई कालू मेघवाल ओर सचिव श्रीनाथ तायड़े की मिलीभगत से जैसा वैसा बना दिया गया जिसके कारण आज भी हमे काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण बताते है कि आज भी पंचायत विभाग में सरपंच, सचिव के द्वारा कई प्रकार के विकाश कार्यों में भ्रष्टाचार किया जाता है जिसके कारण आज भी गांव में विकाश नाम की कोई चीज हमे देखने को नहीं मिलती है।
इसी वजह से आज के समय में बारिश के दौरान यही स्थिति बनी हुई है। सरकार भले ही विकाश के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च कर बड़े बड़े दावे करती है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आज भी अपनी बुनियादी सुविधाओं के कारण जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के द्वारा ग्राम पंचायत धुलकोट के सचिव श्रीनाथ तायड़े और सरपंच सानीबाई कालू मेघवाल को भी इस मामले में पहले अवगत करा चुके है लेकिन उनके द्वारा भी इस समस्या का अभी तक कोई भी निराकरण नहीं हो सका। जिससे कि स्कूली बच्चों को अभी भी बारिश के दौरान कीचड़ भरे मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि शासन प्रशासन इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द इस रोड़ का निर्माण कार्य शुरू करवाए जिससे कि स्कूली बच्चे और ग्रामीणों को आने जाने में काफी मशक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।।