“अंधेरा भगाओ आंदोलन ”
पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है । यह बुरहानपुर जिले की सबसे बड़ी जल परियोजन है प्रभावित किसान चार वर्षो से चार गुना मुआवजा को लेकर लड़ाई लड़ रहे थे, इन्होंने न केवल पांगरी बांध के लिए बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चार गुना मुआवजा बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया ।
पांगरी, बसाली एवं नागझिरी ग्रामों के अतिरिक्त चार फालिया इससे प्रभावित है जिसमें मदन फाल्या में 30 आवास है ।
बांध निर्माण के तहत यहां कि बिजली काटी गई,ढाई महीने से वे सभी आदिवासी महिला,पुरुष,बच्चे अंधेरे में रहने को विवश हैं । जंगल, सांप ,बिच्छू, विभिन्न किडे किटाणुओं ने इनका जीना दुभर कर दिया है ।
शासन एवं बांध निर्माता मगर चैन की नींद ले रहे हैं कई बार शिकायत के बावजूद कोई हल नहीं निकलने की दशा में किसानों ने बीती रात सैकड़ो की संख्या में जमा होकर के कैंडल जला करके “अंधेरा भगाओ आंदोलन” शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न किया ।
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ रवि कुमार पटेल ने कहा की ” सरकार किसानों, आदिवासियों के प्रति उपेक्षा पूर्ण नीति के तहत इरादतन मुआवजा प्रदान करने में विलंब कर रही है ” जबकि बांध का कार्य बीते वर्ष 29 मार्च से शुरू हो चुका है बावजूद इसके अब तक किसी भी किसान के खाते में ₹1 भी नहीं स्थानांतरित किया गया, यह एक संवेदनशील और विवेकी सरकार के लिए गंभीर विषय है।
अगर प्रशासन में बीते 60 दिनों में किसानों के खातों में मुआवजा स्थानांतरित नहीं करती है तो बहुत बड़ा आंदोलन होगा और इसकी सर्वस्व जिम्मेदारी सरकार की होगी ।
किसानों के खेती पानी में डूब जाने एवं खुदाई की वजह से आय के सभी मार्ग अवरूद्ध हो गए हैं ।जिससे आदिवासियों एवं किसानों को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा हैं ।
साथ ही स्वास्थ्य ,शिक्षा एवं अन्य मौलिक अधिकारों का हनन स्पष्ट रूप से हो रहा है । और सरकार निश्चिंत हैं। इस प्रतिकात्मक आंदोलन में किसानों ने कैंडल जला करके “अंधेरा भगाओ” तथा “जय जवान जय किसान ” के नारों के साथ “भारत माता की जय” के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया।
इस आंदोलन में प्रमुखता से श्री नंदू पटेल, संजय चौकसे,मामराज, माधो नाटो, बद्री वास्कले,पन्ना पटेल,शालिग्राम, मंसाराम, श्रीराम, श्रीकिशन,रामदास महाराज ,कालू चौकसे, राहुल राठौर,दीपक पवार, मान्या भिलावेकर, शुमला ओम प्रकाश ,विजय भाई ,नवल, निखिलेश वाणी नीतीश श्रॉफ, अन्य आदि किसानों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया ।