दिन में खेती, रात में पहरेदारी… जंगली सूअरों ने किसानों की बढ़ाई मुसीब
घाघरला में खड़ी मक्का की फसल पर जंगली जानवरों का हमला, फसल बचाने रातभर खेतों में सो रहे किसान
घाघरला। खेत में लहलहाती मक्का की फसल देखकर जिस किसान के चेहरे पर खुशी होनी चाहिए, वही किसान इन दिनों रात-रातभर खेत में जागकर अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर है। ग्राम घाघरला में जंगली जानवरों, खासकर जंगली सूअरों का आतंक किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है।
ग्राम गगरला निवासी किसान संतोष राठौर ओर पवन चौहान ने बताया कि बारिश के मौसम में मेहनत और काफी खर्च करके खेत में मक्का की फसल लगाई थी। फसल अच्छी तरह से खड़ी हुई, लेकिन अब जंगली जानवर खेतों में घुसकर मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रात में खेत की रखवाली करने के बावजूद जंगली सूअर फसल को रौंदकर और खाकर बर्बाद कर रहे हैं।
वहीं किसान रविशंकर मायाराम ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि फसल को बचाने के लिए रातभर खेतों में सोना पड़ रहा है।
किसानों के सामने मजबूरी ऐसी है कि दिनभर खेती का काम करने के बाद रात में भी चैन की नींद नसीब नहीं हो रही। किसान रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं, ताकि मेहनत से तैयार की गई कुछ फसल तो बचाई जा सके।
कई किसानों के खेतों में यही हाल
ग्राम घाघरला के कई किसानों के खेतों में जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाने की स्थिति सामने आ रही है। कहीं मक्का के पौधे टूटे पड़े हैं तो कहीं फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया गया है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते जंगली जानवरों पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
किसानों ने बताया कि खेती में बीज, खाद, दवाई, मजदूरी सहित बड़ी रकम खर्च होती है। ऐसे में खड़ी फसल के नष्ट होने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।
किसानों ने लगाई प्रशासन से गुहार
पीड़ित किसानों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने, जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने तथा नुकसान का सर्वे कराकर उचित राहत दिलाने की मांग की है।