
बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। इसी प्राकृतिक सौंदर्य की अद्भुत मिसाल बुरहानपुर जिले के ग्राम घाघरला से करीब 3 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में स्थित घाघर कुंड में देखने को मिल रही है। इन दिनों लगातार बारिश के चलते यहां करीब 15 फीट ऊंचा प्राकृतिक झरना पूरे वेग से बह रहा है। झरने के नीचे बना प्राकृतिक कुंड और हु चारों ओर फैली हरियाली यहां पहुंचने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
नाग पंचमी पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
सोमवार को नाग पंचमी के अवसर पर घाघर कुंड में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। लोगों ने झरने की खूबसूरती का आनंद लिया और झरने के नीचे बने प्राकृतिक कुंड में नहाकर जमकर लुत्फ उठाया। चट्टानों के बीच से गिरता पानी, घना जंगल और चारों ओर फैली हरियाली ने पूरे क्षेत्र को बेहद मनमोहक बना दिया।
घड़े के आकार से पड़ा ‘घाघर कुंड’ नाम
ग्रामीणों के अनुसार, झरने के नीचे प्राकृतिक रूप से बना कुंड आकार में घड़े जैसा दिखाई देता है, इसी कारण इसे घाघर कुंड के नाम से जाना जाने लगा। बताया जाता है कि यह प्राकृतिक कुंड करीब 10 फीट गहरा है। बारिश के दौरान झरने का पानी सीधे कुंड में गिरता है, जिससे यहां का दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है।

घाघर कुंड वर्षों से यह स्थान ग्रामीणों के लिए प्राकृतिक आकर्षण का केंद्र रहा है। बारिश के मौसम में जब झरना अपने पूरे स्वरूप में आता है, तब इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है।
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि घाघर कुंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्राकृतिक झरना, करीब 10 फीट गहरा कुंड, चट्टानी पहाड़ियां और घना जंगल इसे एक खूबसूरत पर्यटन स्थल बना सकते हैं। यदि प्रशासन द्वारा यहां सड़क, पहुंच मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की जगह और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह क्षेत्र स्थानीय पर्यटन के नक्शे पर अपनी पहचान बना सकता है।
ग्रामीणों का मानना है कि घाघर कुंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से न केवल क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को पहचान मिलेगी, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
प्रकृति की गोद में छिपा है खूबसूरत नजारा
फिलहाल बारिश के मौसम में घाघर कुंड का झरना अपने पूरे शबाब पर है। चट्टानों के बीच से गिरता सफेद पानी और हरियाली से घिरा यह स्थान किसी खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थल से कम नजर नहीं आता। नाग पंचमी पर उमड़ी भीड़ ने भी यह साबित कर दिया कि यदि इस प्राकृतिक स्थल को सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए तो बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन घाघर कुंड की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करे।