
हत्या के प्रकरण में करीब दो वर्ष से फरार ₹10,000/- का इनामी आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला मुंबई से गिरफ्तार।
घटना का संक्षिप्त विवरण, फरियादी पुनीत पवार, निवासी नया मोहल्ला, थाना शिकारपुरा, अपने साथी अंकुश तायड़े के साथ घर के बाहर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला वहां आया और पुराने विवाद को लेकर अंकुश तायड़े से गाली-गलौज करने लगा।
अंकुश द्वारा गाली-गलौज का विरोध करने पर आरोपी ने धारदार/नुकीली वस्तु से उसके पेट के दाहिने हिस्से में प्राणघातक वार कर दिया, जिससे अंकुश गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अंकुश को तत्काल उपचार हेतु शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान दिनांक 10.12.2024 को उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के संबंध में थाना शिकारपुरा पर अपराध क्रमांक 477/2024 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण में दर्ज धाराएं 296, 115(2), 351(3), 103(1) बीएनएस का किया गया। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक, बुरहानपुर द्वारा उस पर ₹10,000/- का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस कार्रवाई एवं गिरफ्तारी: पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर श्री आशुतोष बागरी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शेण्डे एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री विनोद सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में थाना शिकारपुरा पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे थे। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल के सहयोग एवं विश्वसनीय मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपी की तलाश की जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस टीम को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि फरार इनामी आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला मुंबई (महाराष्ट्र) के हाजी अली दरगाह क्षेत्र के आसपास छिपा हुआ है। सूचना की तस्दीक एवं आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम तत्काल मुंबई रवाना हुई। टीम द्वारा मुंबई पहुंचकरयोजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला को अभिरक्षा में लिया गया। आरोपी को थाना शिकारपुरा लाकर आवश्यक पूछताछ एवं वैधानिक कार्रवाई के उपरांत विधिवत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
शरीफउल्ला उर्फ लैला पिता कलीमउल्ला उम्र 34 वर्ष निवासी मोमिनपुरा, थाना कोतवाली, जिला बुरहानपुर
सराहनीय भूमिका निरीक्षक संदीप चौरसिया थाना प्रभारी, शिकारपुरा, उनि दिलीप सिंह,प्र.आर. 319 गणेश पाटील,आरक्षक 516 विनोद परिहार, 487 दुर्गेश सोने ,ललित चौहान ,साइबर सेल, शक्ति सिंह साइबर सेल,
आरक्षक सत्यपाल, आरक्षक दुर्गेश पटेल की सराहनीय भूमिका रही।