कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने नवरात्र पर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इच्छादेवी एवं ग्राम खमनी स्थित मंदिर का किया निरीक्षण
मंदिर ट्रस्ट समिति के सदस्यों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की ली जानकारी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, मेला प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।
आगामी नवरात्र पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हर्ष सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी द्वारा इच्छादेवी मंदिर एवं ग्राम खमनी स्थित मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मंदिर ट्रस्ट समिति के सदस्यों से चर्चा कर पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, दर्शन व्यवस्था, मेले के आयोजन, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी तैयारियों की जानकारी प्राप्त की गई।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवरात्र पर्व के दौरान मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, संबंधित विभागों, मंदिर ट्रस्ट समिति एवं स्थानीय आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए पर्व को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के संबंध में दिए गए प्रमुख निर्देश
1.सीसीटीवी कैमरों से निगरानी: मंदिर परिसर एवं प्रवेश-निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कैमरों की कार्यशीलता एवं रिकॉर्डिंग व्यवस्था की जांच की जाए।
भीड़भाड़ वाले स्थानों, पार्किंग एवं मेला क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जाए।
2.पुलिस बल की तैनाती: एवं सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की संभावित संख्या के अनुसार पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग की जाए।
महिला श्रद्धालुओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए।
3.मेला एवं भीड़ प्रबंधन: श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए पर्याप्त स्थान एवं व्यवस्थित मार्ग सुनिश्चित किए जाएं।
प्रवेश एवं निकास मार्गों को व्यवस्थित रखते हुए भीड़ का सुचारू आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
आपातकालीन निकास मार्गों को बाधामुक्त रखा जाए। अधिक भीड़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार रखी जाए।
4.यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था: मंदिर पहुंच मार्गों पर यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए।वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थानों पर उचित व्यवस्था की जाए।
आवश्यकता के अनुसार यातायात डायवर्जन एवं पार्किंग संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाए।
एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए मार्ग उपलब्ध रखा जाए।
5.नागरिक सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रबंधन: मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
विद्युत तारों, अस्थायी कनेक्शनों एवं प्रकाश व्यवस्था की जांच कराई जाए।
प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
किसी भी अप्रिय घटना, गुमशुदगी अथवा आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए आयोजकों एवं स्वयंसेवकों को जागरूक किया जाए।
6.मंदिर समिति एवं स्थानीय नागरिकों से समन्वय: मंदिर ट्रस्ट समिति, मेला आयोजकों, स्थानीय नागरिकों एवं स्वयंसेवकों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए।
आयोजन के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को निर्धारित किया जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध: कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवरात्र पर्व के दौरान सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। मंदिर ट्रस्ट समिति एवं स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
बुरहानपुर जिला प्रशासन एवं पुलिस आमजन की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा तथा नवरात्र पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।