भजन संध्या और गरबा रास से झूम उठा सतियारा घाट, 450 साल पुराना बालाजी मेला भव्यता के साथ संपन्न

Spread the love

भजन संध्या और गरबा रास से झूम उठा सतियारा घाट, भव्यता के साथ संपन्न हुआ ऐतिहासिक भगवान श्री बालाजी मेला।

बुरहानपुर माँ ताप्ती के पावन तट स्थित सतियारा घाट पर भगवान श्री बालाजी महाराज का ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेला 22 से 24 अक्टूबर तक श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मेले के अंतिम दिवस आयोजित भजन संध्या और गरबा रास प्रतियोगिता में देर रात तक श्रद्धालु झूमते रहे। 8 गरबा मंडलों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंडलों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। तीनों दिन धार्मिक अनुष्ठानों, संगीत, पारंपरिक शौर्य कलाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सतियारा घाट गुलजार रहा।

विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने भगवान श्री बालाजी महाराज के दर्शन कर बुरहानपुरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ बैठकर भजन संध्या का आनंद लिया। ‘बालाजी के गोविंदा, गोविंदा के बालाजी’ के जयघोष के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रीजी के दर्शन किए।

मेले के अंतिम दिवस आयोजित गरबा रास प्रतियोगिता में 8 मंडलों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी नृत्य कला और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में यूडीसी गरबा मंडल, बुरहानपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 31 हजार रुपए का पुरस्कार जीता। मां मातृशक्ति गरबा मंडल, लालबाग, बुरहानपुर द्वितीय स्थान पर रहा, जिसे 21 हजार रुपए प्रदान किए गए। मां चामुंडा गरबा मंडल, सागफाटा, नेपानगर, बुरहानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त कर 11 हजार रुपए का पुरस्कार हासिल किया। शेष प्रतिभागी मंडलों को 5-5 हजार रुपए के सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों, लयबद्ध कदमों और मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। भजन संध्या में जय मारुति म्यूजिकल ग्रुप के भजन गायक नितीन मेढ़े ने भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों और गरबा रास की लय पर श्रद्धालु देर रात तक उत्सव का आनंद लेते रहे।

मेले का शुभारंभ गुरुवार, 22 अक्टूबर को भगवान श्री बालाजी महाराज के कुंभाभिषेक, धार्मिक अनुष्ठानों, दीपदान और माँ ताप्ती की महाआरती के साथ हुआ। चंद्रकांत बालाजीवाले एवं मोहन बालाजीवाले के सानिध्य में ब्राह्मणों ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इसके पश्चात भगवान श्री बालाजी महाराज तीन दिनों के लिए सतियारा घाट स्थित अस्थायी मंदिर में विराजमान हुए। श्रद्धालुओं ने माँ ताप्ती में दीपदान कर भगवान श्री बालाजी महाराज के रथ का स्वागत किया। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के प्रसिद्ध शहनाई वादक गजानन वारुडे तथा बांसुरी वादक श्याम चौधरी और उनकी टीम ने सुरमयी प्रस्तुतियां दीं। शहनाई और बांसुरी की मधुर स्वर लहरियों ने मेले के शुभारंभ को संगीतमय बना दिया।

मेले के दूसरे दिन, शुक्रवार 23 अक्टूबर को तिलक एकेडमी, ब्रह्मपुर के बालक-बालिकाओं ने शौर्य प्रदर्शन किया। विभिन्न व्यायामशालाओं के प्रतिभागियों ने योगाभ्यास, लेझिम, बाना-बनेटी की युद्धकला और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। अखाड़ों के उस्तादों का स्वागत-सम्मान कर उनकी कला और परंपरा के संरक्षण में योगदान की सराहना की गई। कलाकारों ने कीलों पर लेटकर शारीरिक संतुलन और साहस का प्रदर्शन किया। कीलों पर लेटे युवक के शरीर के ऊपर बैलगाड़ी का पहिया रखकर नारियल फोड़ने, सीने पर फर्श तोड़ने, आंख की पलक और कान से केबल बांधकर पानी से भरी बाल्टी तथा कलसी लटकाने और दांतों से लगभग 40 किलोग्राम वजन उठाने जैसे जोखिमपूर्ण करतबों ने दर्शकों को अचंभित कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार मुकेश दरबार (जागृति कला केंद्र, नेपानगर) ने श्रीकृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता पर आधारित भावपूर्ण नृत्य-नाट्य प्रस्तुत किया। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रेम, समर्पण और आत्मीयता को दर्शाती प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसी दिन तिब्बती समाज की महिला एवं पुरुष कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक विविधता के रंग बिखेरे। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

इस अवसर पर श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि माँ ताप्ती के तट पर लगभग साढ़े चार सौ वर्षों से आयोजित भगवान श्री बालाजी महाराज का मेला बुरहानपुर की आस्था, विश्वास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता को जीवंत स्वरूप में देखने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि मेले लोगों के मनों को जोड़ते हैं, आपसी मेल-मिलाप बढ़ाते हैं और समाज में सद्भाव को मजबूत करते हैं। पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन, संगीत, नृत्य-नाट्य और गरबा रास जैसी प्रस्तुतियां हमारी सांस्कृतिक विविधता और गौरवशाली परंपराओं को दर्शाती हैं। नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता इस आयोजन के प्रति उनके गहरे जुड़ाव का प्रमाण है।

श्रीमती चिटनिस ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संतों, पुजारियों, विप्र बंधुओं, कलाकारों, भजन गायकों, गरबा मंडलों, अखाड़ों, व्यायामशालाओं, कार्यकर्ताओं, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के समर्पण, सहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही सदियों पुरानी इस परंपरा को निरंतर भव्य स्वरूप मिल रहा है। उन्होंने मेले में पहुंचकर आयोजन की गरिमा बढ़ाने वाले सभी श्रद्धालुओं का भी धन्यवाद किया।

’’18 वर्षों के प्रयासों से मेले को मिला भव्य और व्यवस्थित स्वरूप’’

उल्लेखनीय है कि श्री बालाजी ताप्ती उत्सव समिति के माध्यम से आयोजित इस ऐतिहासिक मेले को विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस के नेतृत्व में पिछले 18 वर्षों से निरंतर भव्य और व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है। धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। मेले के समापन पर भगवान श्री बालाजी महाराज को रथ में विराजमान कर सतियारा घाट से महाजनापेठ स्थित मंदिर ले जाया गया। रथयात्रा पांडूमल चौराहा, कमल तिराहा, फव्वारा चौक और शाह बाजार से होकर गुजरी। रविवार, 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर परिसर में चांदनी चौक का मेला लगा, जहां चाट-पकौड़ी, दरबा, चुड़वा और खिलौनों सहित विभिन्न दुकानों पर लोगों की चहल-पहल रही। देर शाम भगवान श्री बालाजी महाराज छोटे रथ में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देने निकले।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, नगर निगमाध्यक्ष श्रीमती अनिता अमर यादव, एसडीएम श्रीमती पल्लवी पुराणिक, तपिश पांडे, सीएसपी विनोदसिंह कुशवाह, अमित मिश्रा, चिंतामन महाजन, ईश्वर चौहान, मुकेश शाह, बलराज नावानी, संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, रूद्रेश्वर एंडोले, भरत इंगले, रितेश सरोदे, हेमंत महाजन, प्रभाकर चौधरी, दिलीप पवार, अरूण सूर्यवंशी, रवि गुप्ता, मुकेश दरबार, विनोद चौधरी, श्रीमती उमा कपूर, सुनिल वाघे, भरत रावल, चिंटू राठौर, नितीन महाजन, अक्षय मोरे, रवि काकड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *