अर्चना चिटनिस की मुख्य अतिथि में प्रवेशोत्सव का भव्य शुभारंभ, ‘स्कूल चले हम’ अभियान से शिक्षा को मिली नई ऊर्जा
बुरहानपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 1 अप्रैल से प्रदेशभर में ‘स्कूल चले हम’ राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विशेष रूप से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। इसी क्रम में बुरहानपुर जिले के शाहपुर स्थित सीताबाई रामचन्द्रराव देशमुख संदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं। इस दौरान मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्बोधन का सामूहिक श्रवण भी किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर हर्ष सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेंद्र तिवारी, नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि गोपाल चौधरी, नरहरी दीक्षित, संभाजीराव सगरे, गजेन्द्र पाटिल, विनोद चौधरी, अशोक निकम, रवि जैन, प्रविण टेंभुर्णे, पवन बडोले, ताजउद्दीन शेख, प्रकाश महेश्री, शाकिर शेख, राजाराम महाजन, दिनकर महाजन, मनोज चौधरी, स्वप्निल पाटिल, मयूर पाटिल, विठ््ठल किरोचे सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्चना चिटनिस ने शिक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जो व्यक्ति के जीवन को दिशा देने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला तैयार करता है।
इस दौरान उन्होंने छात्राओं के बीच पहुंचकर आत्मीय संवाद किया तथा उनसे उनके पसंदीदा विषय, भविष्य के लक्ष्य, पढ़ाई में आने वाली चुनौतियों और सपनों को लेकर प्रश्न किए। छात्राओं ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत जीवंत, प्रेरणादायक एवं आत्मीय बन गया।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि शिक्षक वह होता है, जो शिष्य के सामने आकाश को और विस्तृत कर दे तथा उसके जीवन की संभावनाओं को नई दिशा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि एक सच्चा शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करता है।
उन्होंने आगे कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध अत्यंत पवित्र होता है। जिस प्रकार एक मां अपने गर्भ में बच्चे का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार गुरु अपने भीतर शिष्य को गढ़ता है, उसे शिक्षित करता है और अपने ज्ञान से उसका मार्गदर्शन करता है। गुरु अपने अनुभव और ज्ञान का संचार कर शिष्य को समाज के लिए उपयोगी बनाता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अंतिम लक्ष्य ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण होना चाहिए, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों और विपरीत परिस्थितियों का साहसपूर्वक सामना कर सके। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ें और समाज व राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि ‘स्कूल चले हम’ अभियान केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का एक व्यापक सामाजिक संकल्प है।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा में सक्रिय सहयोग करें। विशेष रूप से उन्होंने बालिका शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित बेटियां ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं का पारंपरिक रूप से तिलक कर स्वागत किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। साथ ही पाठ्यपुस्तकें, निःशुल्क साइकिल एवं विद्यालयी ड्रेस का वितरण किया गया। मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे अन्य विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रति प्रेरणा जागृत हुई।
यह प्रवेशोत्सव कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास, प्रेरणा और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना जागृत करने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। ‘स्कूल चले हम’ अभियान के माध्यम से जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।