मिठाई खरीदने से पहले सावधान! कहीं स्वाद के नाम पर सेहत से न हो जाए खिलवाड़।
बुरहानपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई—420 किलो गोकुल स्वीट्स (मावा) और 50 किलो क्रीम जब्त, प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी
बुरहानपुर। त्योहारों के बीच मिठाई और दूध से बने खाद्य पदार्थों की खरीदारी करने वाले लोगों के लिए सावधान करने वाली खबर सामने आई है। बुरहानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी एवं संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 420 किलो गोकुल स्वीट्स (मावा) और 50 किलो क्रीम जब्त की है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 93 हजार रुपये बताई गई है।
कलेक्टर हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दूध एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच एवं निरीक्षण किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभाग की टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की।
खाद्य विभाग की टीम ने बुरहानपुर जलेबी एवं नमकीन सेंटर, इकबाल चौक से मावा एवं मावा जलेबी के नमूने लिए। वहीं बुरहानपुर जलेबी, रोशन चौक से मावा का नमूना लिया गया और संबंधित विक्रेता को धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया।
इसी क्रम में मदीना मिल्क डेयरी, बुरहानपुर से गोकुल स्वीट्स का नमूना लिया गया। जांच की प्रक्रिया के बीच विभाग ने करीब 75 हजार रुपये कीमत का 420 किलो गोकुल स्वीट्स (मावा) जब्त किया। संबंधित प्रतिष्ठान को भी धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया।
वहीं शालीमार इंटरप्राइजेज, सिंधी बस्ती, बुरहानपुर से करीब 18 हजार रुपये कीमत की 50 किलो क्रीम जब्त की गई। यहां से क्रीम के साथ पनीर एवं मावा के नमूने भी लिए गए हैं।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश डावर के अनुसार, सभी लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भोपाल भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं नियम 2011 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों में बढ़ती चिंता, बाजार पर निगरानी जरूरी
त्योहारों के दौरान मिठाई, मावा, पनीर, क्रीम और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी बेहद जरूरी है। विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने के बावजूद यदि कहीं संदिग्ध या अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री जारी रहती है, तो ऐसे प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच एवं कार्रवाई का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रयोगशाला जांच में लिए गए नमूनों की गुणवत्ता को लेकर क्या रिपोर्ट सामने आती है और उसके आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती जरूरी—त्योहार की मिठास में मिलावट का जहर नहीं होना चाहिए।