बुरहानपुर
संघर्ष
बुरहानपुर के कलेक्टर कार्यालय में एक भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया, जहां एक महिला अपने दिव्यांग पति को कंधे पर उठाकर ट्राई साइकिल की मांग लेकर पहुंची। महिला का कहना है कि करीब 9 साल पहले पति को पैरालिसिस होने के बाद उनकी एक टांग काटनी पड़ी थी। तब से वह अपने पति को खुद कंधे पर उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है। ट्राई साइकिल की उम्मीद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला को जब सुविधा नहीं मिली, तो वह पति को कंधे पर उठाकर कार्यालय के अंदर ले गई और फिर उसी तरह वापस लेकर लौटी। इस घटना ने कलेक्टर कार्यालय में दिव्यांगों के लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह तस्वीर बिंदु बाई के संघर्ष और मजबूरी को बयां करती है। पति की देखभाल की जिम्मेदारी निभा रही बिंदु बाई अपने दिव्यांग पति के लिए ट्राई साइकिल की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं, ताकि उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसानी हो सके। लेकिन ट्राई साइकिल नहीं मिलने पर उन्हें अपने पति को कंधे पर उठाकर कार्यालय के भीतर ले जाना पड़ा और फिर उसी तरह वापस भी लेकर लौटना पड़ा। कलेक्टर कार्यालय में दिव्यांगों के लिए ट्राई साइकिल जैसी बुनियादी सुविधा की उपलब्धता को लेकर यह मामला व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।