न प्लास्टिक की प्लेट, न डिस्पोजल गिलास! कागज के पैकेट, स्टील के बर्तन और कपड़े की थैलियां—बालाजी मेले ने दिखाई नई राह

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सतियारा घाट पर आयोजित बालाजी मेला बना सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त मेले की मिसाल।

बुरहानपुर, सूर्यपुत्री माँ ताप्ती के पावन तट स्थित सतियारा घाट पर 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित पारंपरिक बालाजी मेले में इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। नगर निगम बुरहानपुर एवं बालाजी मेला समिति के संयुक्त प्रयासों से मेले का आयोजन सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त स्वरूप में किया गया। जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन तथा व्यापारियों और आम नागरिकों के सहयोग से यह मेला स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बना।

 

नगर निगम द्वारा मेले के प्रारंभ से ही दुकानदारों एवं व्यापारियों को प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा उसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया गया। जनप्रतिनिधियों द्वारा बैठकों, सोशल मीडिया और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से भी व्यापारियों एवं नागरिकों से प्लास्टिक मुक्त मेले के आयोजन में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

 

‘सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बुरहानपुर’ अभियान के माध्यम से भी जनप्रतिनिधियों द्वारा स्कूल के छात्रों के माध्यम से भी शहरवासियों को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों एवं बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, नगर निगम द्वारा भी प्रतिदिन IEC (जनसूचना, शिक्षा एवं संचार) गतिविधियों के इस अभियान से भी जनजागरूकता का संदेश घर-घर तक पहुँचाया जा रहा है ।

 

मेले में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का प्रभावी उपयोग देखने को मिला। बुरहानपुर का प्रसिद्ध दराबा कागज के पैकेट में दिया गया, वहीं नाश्ते की दुकानों पर स्टील एवं बार-बार उपयोग में लाई जा सकने वाली प्लेटों के साथ कागज की प्लेटों का उपयोग किया गया। पानी पीने के लिए स्टील के गिलास एवं लोटों तथा जूस के लिए काँच के गिलासों को प्राथमिकता दी गई। अन्य आवश्यकताओं के लिए भी प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक सामग्री अपनाई गई। इसके साथ ही अनेक नागरिक घर से कपड़े की थैलियाँ लेकर आए और खरीदारी का सामान उनमें रखकर प्लास्टिक मुक्त अभियान में अपना योगदान दिया।

 

इस पहल का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि मेले में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के साथ-साथ कचरे की मात्रा में भी उल्लेखनीय कमी देखने को मिली। नगर निगम द्वारा मेले से निकलने वाले कचरे का प्रतिदिन संग्रहण कर उसे प्रसंस्करण इकाई तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

 

नगर निगम एवं बालाजी मेला समिति ने इस आयोजन को सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता का परिणाम बताया। यह पहल संदेश देती है कि परंपराओं और उत्सवों की भव्यता बनाए रखते हुए भी पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। बालाजी मेले की यह पहल स्वच्छ बुरहानपुर, सुंदर बुरहानपुर और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त शहर के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

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