“दीदी का सख्त एक्शन: जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस!”

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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अर्चना चिटनिस का सख्त रुख, जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर बैठक ली और दिए निर्देश

बुरहानपुर। आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस (दीदी) ने सोमवार सुबह लगभग 11 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। श्रीमती चिटनिस के इस निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और व्यवस्थाओं को लेकर तत्काल सक्रियता देखने को मिली।

निरीक्षण के दौरान श्रीमती अर्चना चिटनिस ने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों और वार्डों का भ्रमण करते हुए वहां की वास्तविक स्थिति को नजदीक से परखा। उन्होंने भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधा संवाद कर इलाज, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, स्टाफ की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। कई मरीजों ने उपचार और सुविधाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया, वहीं कुछ ने समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया, जिन्हें विधायक ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

इस दौरान श्रीमती चिटनिस ने जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार और सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सकीय स्टाफ, दवाइयों की आपूर्ति, उपकरणों की स्थिति और उपचार व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

निरीक्षण के बाद श्रीमती चिटनिस ने कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर हर्ष सिंह की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती चिटनिस ने निर्देशित किया कि जिला अस्पताल से हो रहे मरीजों के रेफरल की संख्या एवं कारणों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

 

अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए दिन में कम से कम तीन बार सफाई सुनिश्चित करने, सभी कर्मचारियों का ड्यूटी चार्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा मरीजों एवं परिजनों के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रूम के पास शेड निर्माण, अस्पताल के दोनों गेट आमजन की सुविधा हेतु खोलने, शौचालयों की मरम्मत कर पानी के लीकेज को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए।

 

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीव्ही कैमरों का कंट्रोल रूम स्थापित करने एवं आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी करने पर भी जोर दिया। विधायक निधि से प्रदत्त कार्डिएक एम्बुलेंस का संचालन रोगी कल्याण समिति के माध्यम से प्रारंभ कर कम शुल्क में उपलब्ध कराने की व्यवस्था, 5 बेड का आईसीयू तत्काल प्रारंभ करने, प्रति माह एक दिन सुपर स्पेशलिस्ट (आयुष्मान योजना अंतर्गत) की सेवाएं उपलब्ध कराई जाए।

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत डायलिसिस के लिए 5 नई मशीनों की मांग रखी गई तथा मरीजों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नेत्र चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं सुदृढ़ करने तथा स्टाफ क्वार्टर की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई), प्रसव कक्ष और जनरल वार्ड का विशेष रूप से निरीक्षण करते हुए विधायक ने साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की देखभाल और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

श्रीमती अर्चना चिटनिस इस औचक निरीक्षण और तत्पश्चात हुई समीक्षा बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक सख्ती और जनप्रतिनिधि की सक्रियता से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में शीघ्र ही सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।

निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार, सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके, संभाजीराव सगरे, आरएमओ भूपेंद्र गौर, धीरज चौहान, डॉ. गौरव धावानी सहित अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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