मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी कैबिनेट ने रविवार को सादगी और समानता का एक अनूठा उदाहरण पेश किया

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी कैबिनेट ने रविवार को सादगी और समानता का एक अनूठा उदाहरण पेश किय। वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री और सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने निजी वाहनों और सरकारी काफिले को छोड़ दिया और एक साथ बस से सफर किया। सभी मंत्री मुख्यमंत्री आवास से एक पर्यावरण-अनुकूल ई-बस में सवार होकर ऐतिहासिक नगरी जगदीशपुर पहुंचे, जहां राज्य कैबिनेट की बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सफर के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ उनकी सीट पर वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल बैठे नजर आए, जिसने ‘सब नागरिक समान – सबको सम्मान’ के ध्येय वाक्य को जमीन पर चरितार्थ किया।

 

जगदीशपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वहां आयोजित एक विशेष धरोहर प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ किया और उसका बारीकी से अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के गौरवशाली जनजातीय नायकों, सुशासन व अदम्य शौर्य के प्रतीक महान शासकों और राष्ट्रभक्त विभूतियों के प्रेरक व ऐतिहासिक चित्रों को प्रदर्शित किया गया था। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 10 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से नवसंवर्धित एवं संरक्षित किए गए ‘जगदीशपुर दुर्ग’ का लोकार्पण कर उसे जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने इस ऐतिहासिक दुर्ग के गौरवशाली इतिहास और राज्य सरकार द्वारा इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए किए गए अभूतपूर्व कार्यों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी देखा।

 

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राजधानी भोपाल से बाहर इस कैबिनेट बैठक का औपचारिक आयोजन किया गया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय विकास और ऐतिहासिक स्थलों को महत्व देने की नीति के तहत पिछले ढाई साल के भीतर यह सातवीं कैबिनेट बैठक है जो भोपाल से बाहर आयोजित हुई है। इससे पहले सरकार जबलपुर, दमोह, खरगोन, नर्मदापुरम, छतरपुर और बड़वानी जैसे प्रमुख शहरों में अपनी कैबिनेट बैठकें कर चुकी है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रविवार को जगदीशपुर में ‘समानता और न्याय की भावना को समर्पित’ यह विशेष कैबिनेट बैठक ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक राष्ट्रगीत गान के साथ शुरू हुई।

 

कैबिनेट बैठक के संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बेहद ऐतिहासिक फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने देश और प्रदेश की सियासत से जुड़े सबसे बड़े मुद्दे पर मुहर लगाने का ऐलान करते हुए बताया कि बहुप्रतीक्षित ‘समान नागरिक संहिता’ (यूसीसी)- 2026 के विधेयक को आज कैबिनेट के माध्यम से सर्वसम्मति से अनुमोदित (मंजूर) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह विधेयक समाज के सभी वर्गों और नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के बराबरी का अवसर प्रदान करेगा।

 

इस अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इसे अंतिम रूप देने और लागू करने से दो महीने पहले एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया था। कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट के आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखा कि प्रदेश की 80 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम बहनों ने समान नागरिक संहिता (UCC) का खुलकर समर्थन किया है, जबकि 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों ने भी इसके पक्ष में अपनी सकारात्मक राय दी है। व्यापक सामाजिक फीडबैक और इस विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही आज कैबिनेट ने ऐतिहासिक यूसीसी विधेयक को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।

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