नेपानगर में प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी में लोकतंत्र की मर्यादा और संवैधानिक मूल्यों पर मंथन, मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा, सांसद ज्ञानेश्वर पाटील एवं विधायक मंजू दादू ने किया संबोधित
– संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास जरूरी –मिश्रा
– आपातकाल की याद दिलाकर सांसद ने साधा निशाना
– लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों की जागरूकता पर विधायक ने दिया जोर
बुरहानपुर। लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के उद्देश्य से नेपानगर में सोमवार को लोकतंत्र बचाओ,अराजकता हटाओ विषय पर प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी आयोजित की गई।भाजपा संगठन में संयुक्त मोर्चा प्रभारी व मुख वक्ता मनोरंजन मिश्रा,खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील,नेपानगर विधायक मंजू दादू ,जिला अध्यक्ष डॉ मनोज माने ने सहभागिता कर प्रबुद्ध नागरिकों के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
*मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण-मिश्रा*
भाजपा संगठन में संयुक्त मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है। किसी भी प्रक्रिया पर आपत्ति होने पर संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखी जानी चाहिए। विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने और जनता के बीच भ्रम का वातावरण बनाने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास बनाए रखना चाहिए। विपक्ष हताशा में देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न देशों में फैल रही अराजकता और अशांति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से देश को सजग रहने की आवश्यकता है। विपक्ष के इन प्रयासों का देश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी।
मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया था- सांसद
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है, लेकिन इन अधिकारों के साथजिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं। लोकतंत्र केवल सत्ता संचालन की व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और संवैधानिक मर्यादाओं के सम्मान का आधार है।
उन्होंने वर्ष 1975 में कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की स्वतंत्रता छीनी गई और विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया। जिस कांग्रेस के शासनकाल में लोकतंत्र को बाधित किया गया, वही आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है।
विधायक मंजू दादू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाले विपक्षी दलों को पहले अपने राजनीतिक आचरण और इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।
जब जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना जनादेश देती है, तब उसे स्वीकार करने के बजाय हर निर्णय और हर संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करना विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को दर्शाता है।
भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने भी अपने संबोधन में लोकतंत्र की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों के सम्मान और जनजागरण के लिए समाज के प्रबुद्ध वर्ग की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम प्रभारी मनोज टंडन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है, इसलिए जनादेश का सम्मान करना और जनता के निर्णय को स्वीकार करना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री किसान मोर्चा मनोज लधवे,पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष राजू महाजन,किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष राहुल जाधव, अरुण सिंग मुन्ना,पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान,श्री राजेश चौहान, महामंत्री संजय जाधव, ईश्वर चौहान,सांसद प्रतिनिधि सौजन्य तिवारी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष भरत रावल, मंडल अध्यक्ष नीलेश महाजन गणमान्यजन एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।संचालन संजय विजयवर्गी ने किया।